फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शादी से नाखुश होने पर भी नहीं लेते डिवोर्स

Thu, 01 Aug 2013 07:30 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
एक सर्वे के मुताबिक, लाखों ऐसे शादीशुदा जोड़े हैं जो अपनी मैरिड लाइफ से खुश नहीं है लेकिन वे इमोशनल और फाइनेंशियल नुकसान के डर से डिवोर्स नहीं ले पाते।
विज्ञापन


इस पोल में तकरीबन 2,000 लोगों ने भाग लिया जिसमें हर पांच में से एक व्यक्ति ने माना कि अगर उन्हें आर्थिक रूप से सहायता की पूरी गारंटी मिले तो वे आसानी से डिवोर्स ले सकते हैं।

एक चौथाई लोगों का कहना था उन्हें अपने पार्टनर से लंबे समय तक प्यार नहीं हुआ। जबकि 15फीसदी लोगों का कहना था कि काश उनकी किसी और से शादी हुई होती। जबकि 10 में 3 का मानना है कि वे अलग होने पर विचार कर रहे हैं।
विज्ञापन


पढ़ें: 7 फंडे अपनाए, शादी को बनाएं खुशहाल

जब इन लोगों से पूछा गया कि उनके रिश्ते में दरार का कारण क्या है? तो पाया गया कि अधिकतर लोगों के आपस में विचार ना मिलने के कारण इनकी मैरिड लाइफ स्ट्रेसफुल है।

इतना ही नहीं, पुरुषों ने फ्रस्टेटेड सेक्स लाइफ को जिम्मेदार ठहराया तो महिलाओं ने पुरुषों के बहुत ज्यादा मौज-मस्ती करने और पैसों को लेकर होने वाले तनाव को कारण बताया।

ये रिसर्च लॉयर्स स्लेटर एंड गोरडन कमीशन द्वारा कराया गया था जिसमें ये भी पाया गया कि शादी के बाद महिलाओं की स्टडी भी उनकी मैरिड लाइफ में दरार का कारण है।

सर्वे में ये भी देखा गया कि फाइनेंशियली कंडीशन खराब होने के कारण ही महिलाएं अपने पार्टनर से डिवोर्स नहीं लेना चाहती। वही पुरुष इसलिए डिवोर्स नहीं लेना चाहते क्योंकि इससे उनके परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

पढ़ें: सेक्स को करना है एंज्वॉय, तो अपनाएं ये उपाय

फैमिली लॉ एंड स्लेटर एंड गोरडन की हेड अमांडा का कहना है कि, सोसाइटी में ये लोग अभी भी साथ रह रहे हैं, इन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये खुश नहीं हैं।

अमांडा आगे कहती हैं कि किसी भी रिश्ते का अंतिम पड़ाव डिवोर्स ही होता है लेकिन ये वाकई बेहद दुखद है कि बिना खुशी के सिर्फ फाइनेंशियली स्ट्रगल से बचने के लिए सैकड़ों जोड़ियां साथ में रह रही हैं।

वे कहती हैं कि वास्तव में डिवोर्स लेने के बाद आप अपनी आजाद लाइफ जी सकते हैं। कई शोधों में भी ये बात साफ हुई है कि बच्चे तभी खुश रह सकते हैं जब पेरेंट्स खुश रहें।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें