इस बात से बिलकुल इनकार नहीं किया जा सकता कि सोशल मीडिया के आगमन से लोगों के जीवन में हलचल सी मच गयी है। मौका कोई भी हो उसके हर काम से अधिक लोगों के लिए आवश्यक होता है उसके बारे में सोशल मीडिया पर अपडेट करना।
हर दिन अपनी तस्वीर के साथ-साथ अपनी दिनचर्या बयां करना आज के बच्चो के लिए तो एक जरुरी कार्य जैसा होता जा रहा है। जिसके कारण वे पारंपरिक खेल भूलते जा रहे हैं। साथ ही जिम्मेदारियों से भी मुंह मोड़ते जा रहे हैं।
लेकिन महाराष्ट्र जलगांव के एक स्कूल में बुधवार को गुड्डे-गुड़िया की शादी कराई गई। ताकि बच्चे अपने परंपरागत खेलों का एहसास कर सकें और सोशल मीडिया से दूर रह सकें। इस सामूहिक कार्यक्रम में 900 से ज्यादा बच्चे पहुंचे।
सभी छात्र शादी में बाराती बनकर पहुंचे। स्कूल की वाइस प्रेसिडेंट माधवी थत्ते ने बताया, 'इस शादी से बच्चों को बताया गया, किसी कार्यक्रम का आयोजन कैसे करना चाहिए। क्या-क्या काम करने होते हैं। इन सभी जिम्मेदारियों का एहसास कराने के लिए यह पहल कारगर साबित हुई।
इस कार्यक्रम में सगाई, हल्दी, सात फेरे, मंगलसूत्र पहनाना, विदाई व अन्य रस्मों के बारे में बताया गया। बच्चों के साथ सभी शिक्षक भी मौजूद थे।