महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के चलते ठप पड़ी अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने की बड़ी चुनौती है। इसके उपाय सुझाने के लिए मंगलवार को 11 विशेषज्ञ सदस्यों की समिति गठित की गई।
यह समिति 30 अप्रैल तक पहली रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। सरकार के वित्त विभाग की ओर से समिति गठन के संबंध में शासनादेश जारी किया गया है।
महाराष्ट्र देश का प्रगतिशील राज्य है। लेकिन इन दिनों कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बन चुका है। सूबे में 24 मार्च से तालाबंदी (लॉकडाउन) लागू है। इसके चलते उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र ठप हो गया है।
इसका असर राज्य के राजस्व और विकास कामों के साथ ही रोजगार पर भी पड़ा है। प्रदेश की महाविकास अघाड़ी सरकार के लिए राज्य की अर्थव्यवस्था को जल्द ही पूर्व स्थिति में लाने की कठिन चुनौती है। राज्य मंत्रिमंडल ने इस संबंध में सुझाव के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया था।
इसके तहत समिति गठित की गई है जिसमें सेवानिवृत्ति आईएएस जे. एस. सहानी, सुबोधकुमार, रमानाथ झा, उमेशचंद्र सारंगी, जयंत कावले, सुधीर श्रीवास्तव, नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देबाशिष चक्रवर्ती, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव वेणूगोपाल रेड्डी, वित्त विभाग (रिफॉर्म्स) के प्रधान सचिव राजगोपाल देवरा और कृषि विभाग के सचिव एकनाथ डवले का समावेश है।
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज सौनिक समिति के समन्वयक बनाए गए हैं।