महाराष्ट्र में कोरोना संकट में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को महाविकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार में शामिल तीनों दल (शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी) ने मिलकर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर जोरदार हमला बोला।
शिवसेना नेता और परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र के लिए कोई अलग से मेहरबानी नहीं की है। विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य को मिलने वाला हिस्सा दिया है।
फडणवीस ने कहा है कि केंद्र सरकार से महाराष्ट्र को 28 हजार 104 करोड़ रुपये की मदद मिली है लेकिन यह सही नहीं है। अब तक केवल 6 हजार 649 करोड़ रुपये ही मिले हैं।
राज्य को केंद्र सरकार से मास्क 30 फीसदी कम मिले हैं। पीपीई किट और वेंटिलेंटर एक भी नहीं मिले हैं।
जयंत पाटिल ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों के पलायन के बाद अब भूमिपुत्र राज्य में फिर से उद्योग शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि फडणवीस ने प्रवासी मजदूरों के गांव जाने से राज्य की अर्थव्यवस्था पर असर होने की बात कही है। लेकिन मेरा मानना है कि फडणवीस ने महाराष्ट्र के युवाओं को कम करके आंका है। हम इस पर कड़ी आपत्ति जताते हैं।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात ने कहा कि कोरोना संकट में विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा थी। लेकिन भाजपा ने सरकार को बदनाम करने की मुहिम शुरू की है।
मुंबई की स्थिति चिंताजनक है। लेकिन सरकार कोरोना से निपटने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का बचाव किया। कहा कि राहुल ने महाराष्ट्र सरकार की तारीफ की है और सरकार के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। उनके बयान की क्लिप के साथ छेड़छाड़ हुई है।