महाराष्ट्र में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 5218 हो गई, जिसमें से 3451 मरीज अकेले मुंबई में पाए गए हैं।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 53 पत्रकारों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद अब 39 पुलिसकर्मियों के कोरोना की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। यह महाराष्ट्र में कोरोनो के संक्रमण की यह भयावह तस्वीर है। इनमें 11 पुलिस अधिकारी और 38 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
यह आंकड़ा राज्य में लॉकडाउन लागू होने यानि 22 मार्च से 21 अप्रैल तक का है।
महाराष्ट्र पुलिस ने एक महीने में लॉकडाउन का उल्लंघन करने के मामले में आईपीसी की धारा 188 के तहत 60 हजार से अधिक मामले दर्ज किए हैं। वहीं, 13,381 लोगों को लॉकडाउन के उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा पुलिस पर हमला करने के आरोप में 411 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसी कालावधि में पुलिस ने 41,768 वाहन भी जब्त किए हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और पुणे में बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए 20 अप्रैल से दी गई ढील रद्द कर दी है। वहीं, इन दोनो शहरों में अखबार बांटने पर भी रोक लगा दी गई है। राज्य सरकार ने 20 अप्रैल से कुछ छूट दी थी, लेकिन मंगलवार को संशोधित अधिसूचना जारी कर केवल अनाज, जीवनावश्यक बस्तु, औषधि और मेडिकल उपकरणों को ही ले जाने और ले आने की छूट दी गई है।
ई-कॉमर्स कंपनियों का इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं के परिवहन की छूट रद्द की गई है। वहीं, मिठाई और नमकीन की दुकान खोलने, कंस्ट्रक्शन और आईटी कंपनियों को दफ्तर से काम करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
मुंबई में आर्थर रोड जेल के सामने संसर्गजन्य रोगों के लिए अलग से बने कस्तूरबा हॉस्पिटल में मंगलवार तक 100 कोरोना पाजिटिव मरीज ठीक होकर अपने घर गए।
कस्तूरबा अस्पताल के मुताबिक 100वां मरीज मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। कस्तूरबा अस्पताल में सबसे पहले मार्च के दूसरे सप्ताह में कोरोना का पहला मरीज भर्ती हुआ था।
जिन लोगों को कोरोना संक्रमण के उपचार के बाद डिस्चार्ज दिया गया है उनमें 60 पुरुष और 40 महिलाओं का समावेश है। इसमें भी 60 वर्ष से अधिक उम्र के 24 वरिष्ठ नागरिक और 10 साल से कम उम्र के 7 बच्चे शामिल हैं।