vinod mishra With Maharshtra Governer Bhagat singh Koshiyari
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कोरोना संक्रमण की राजधानी बनी मुंबई में कोविड सेंटर के निर्माण में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने कोविड सेंटर निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर मामले की लोकायुक्त से जांच कराने की मांग की है।
मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स (बीकेसी) में कोविड सेंटर का निर्माण किया है। कोविड सेंटर बनने से लेकर अब तक विवादों में है। भाजपा पार्षद विनोद मिश्र का आरोप है कि दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में शामिल गुड़गांव की एक कंपनी को कोविड सेंटर के निर्माण का ठेका दिया गया था।
एमएमआरडीए की ओर से कोविड सेंटर के निर्माण में बाजार दर से तीन गुना ज्यादा लागत आई है। पहले इस मामले की जांच को लेकर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस से मिला था उसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया है।
मुंबई भाजपा के नेता व पूर्व मंत्री आशिष शेलार के नेतृत्व में पार्षद विनोद मिश्र ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर कोविड सेंटर घोटाले की लोकायुक्त से जांच की मांग की। मिश्र ने बताया कि राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही लोकायुक्त से इस संबंध में बात करेंगे।
एमएमआरडीए ने बीएमसी को भेजा 59.27 करोड़ का बिल
एमएमआरडीए ने इस कोविड सेंटर के कंस्ट्रक्शन में खर्च हुए 59.27 करोड़ का बिल बीएमसी को थमाया है। एमएमआरडीए का कहना है कि मुंबई में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करना बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की है, इसलिए उसे इसका भुगतान करना चाहिए। भाजपा पार्षद विनोद मिश्र का कहना है कि जब कोविड सेंटर बनाने का आदेश राज्य सरकार ने दिया था तो रकम का भुगतान बीएमसी क्यों करे।
बीएमसी को नहीं करना चाहिए बिल का भुगतान- रविराजा
कांग्रेस पार्षद व बीएमसी में विपक्ष के नेता रविराजा का कहना है कि एमएमआरडीए की तरफ से भेजे गए बिल का भुगतान बीएमसी को नहीं करना चाहिए। एमएमआरडीए के पास दस हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जमा है, उसमें से भुगतान करे। रविराजा ने कहा कि कोरोना संकट काल में भी सभी की नजर बीएमसी की तिजोरी पर है।