देश में कोरोना कैपिटल बन चुकी मुंबई की हालत सुधर रही है। कोरोना महामारी धीरे-धीरे नियंत्रण में आती दिखाई दे रही है। इसलिए कोरोना संक्रमितों के स्वस्थ होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जुलाई महीने में सर्वाधिक 41 फीसदी कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। मरीजों के स्वस्थ होने के चलते मुंबई में रिकवरी दर 71 फीसदी तक पहुंच गई है।
मुंबई में बीते 30 जून तक 44 हजार 170 कोरोना मरीज स्वस्थ हो चुके थे। तब कुल संक्रमितों की संख्या 77 हजार 197 थी। वहीं, एक जुलाई से 22 जुलाई के दरम्यान संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 लाख 4 हजार 572 हो गई। दौरान कुल 75 हजार 118 लोग स्वस्थ हुए, जिसमें से 30 हजार 948 लोग 22 दिनों में ठीक हुए हैं। यदि आंकड़ों पर गौर करें तो रिकवरी की यह दर 41 फीसदी है।
मुंबई में 30 जून तक 28 हजार 473 एक्टिव कोरोना संक्रमित थे। जबकि 22 जुलाई को यह संख्या 23 हजार 582 पर पहुंच गई। इस तरह जुलाई महीने में 22 दिन में ही 4,891 मरीजों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, 30 जून तक मुंबई में कोरोना वायरस से संक्रमित 4 हजार 554 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 22 जुलाई तक कोरोना वायरस ने 1318 लोगों की जान ली है। अब तक मुंबई में कुल 5,872 की मौत हो चकी है। मृत्यु की यह दर हालांकि राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
मुंबई में कोरोना संक्रमितों की संख्या में गिरावट दर्ज होने के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी सुधार हो रहा है। मुंबई में डबलिंग रेट भी 59 दिन हो गया है। जबकि दैनिक वृद्धि दर में भी गिरावट आई है। फिलहाल, मुंबई की दैनिक वृद्धि दर 1,17 है।
मुंबई में कोरोना संक्रमण की दर में आ रही गिरावट के बीच बुरी खबर यह है कि सात हजार से अधिक कोविड योद्धा संक्रमित हो चुके हैं। इसमें सर्वाधिक पुलिसकर्मी हैं। आंकड़ों के मुताबिक बीएमसी के 2686 कर्मचारी संक्रमित हुए जिसमें से 108 की मौत हो गई। इसी तरह बेस्ट उपक्रम के 1200 कर्मचारी कोरोना की चपेट में आए, जिसमें से 22 की मृत्यु हो गई। 3520 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए और 52 ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा राज्यभर में 470 निजी डॉक्टर संक्रमित हुए जिसमें से 32 की मौत हुई है।