वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण फैलने के साथ ही तमाम शोध में यह बात सामने आई है कि कैंसर पीड़ितों के लिए कोरोना वायरस काल की तरह है, जिसे जकड़ा उसकी मौत तय है।
पश्चिमी देशों में कैंसर पीड़ित कोरोना संक्रमितों की मौत का यही अनुभव रहा है। लेकिन मुंबई के टाटा मेमोरियल हास्पिटल के डॉक्टरों ने 126 कैंसर पीड़ित कोरोना संक्रमित मरीजों को मौत के मुंह में जाने से बचाकर एक तरह से चमत्कार कर दिखाया है।
टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रोफेसर डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि लॉकडाउन से पूर्व कैंसर के जो मरीज मुंबई आए वे यहां फंस गए। इनमें से कई मरीज चेकअप के लिए आए थे तो कुछ मरीजों की सहायता के लिए साथ थे, वह भी संक्रमित हो गए थे।
इन मरीजों के लिए यदि समय पर उपचार की व्यवस्था नहीं होती, तो ये फुटपाथ या फ्लाईओवर पुल के नीचे रहने के लिए विवश होते। जिससे मृत्युदर बढ़ जाती। इस मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का सहयोग मिला तो वरली स्थित एनएससीआई कांप्लेक्स के सरदार बल्लभभाई इंडोर स्टेडियम को कैंसर हास्पिटल बना दिया गया।
डॉक्टर और नर्स की ड्यूटी लगाई गई और हमने खुद अपना पूरा समय मरीजों को दिया। इसका नतीजा है कि किसी की मौत नहीं हुई और किसी डर से मरीजों को उनके हाल पर नहीं छोड़ा गया।
स्टेडियम में रोगियों को खुली हवा में सांस लेने की व्यवस्था है, तो चारों कोने में लगी बड़ी स्क्रीन के जरिए मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, उपचार में योग का भी सहारा लिया गया।
डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि स्टेडियम में कुल 178 मरीज भर्ती किए गए, जिसमें से शुक्रवार को 126 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज दे दिया गया, इनमें कैंसर पीड़ित कोविड-19 मरीजों के 10 संबंधी भी शामिल हैं।
वहीं 52 कैंसर मरीज के अलावा उनके 4 संबंधी अभी कोरोना पॉजिटिव है जिनका उपचार जारी है।
2 साल के बच्चे से लेकर 78 साल के बुजुर्ग भी हुए कोरोना मुक्त
सरदार बल्लभभाई पटेल स्टेडियम में बने कैंसर कोरोना केयर सेंटर में दो साल के बच्चे से लेकर 77 साल की बुजुर्ग महिला और एक विदेशी नागरिक का भी इलाज किया गया।
यहां भर्ती अधिकतर मरीजों की उम्र 50 साल से अधिक है। डॉ. चतुर्वेदी ने बताया कि भर्ती किए गए कोविड-19 कैंसर रोगी हेमटोलॉजी, गैस्ट्रिक, हेड एंड नेक, ब्रेस्ट, गायनोकोलॉजी, यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक, थोरैसिक आदि कैंसर से पीड़ित हैं।
इन राज्यों के संक्रमित मरीज हुए डिस्चार्ज
राज्य डिस्चार्ज
उत्तर प्रदेश -14
प. बंगाल -16
बिहार -12
झारखंड -9
असम -2
छत्तीसगढ़ -1
मध्य प्रदेश -2
त्रिपुरा -2
बांग्लादेश -1
महाराष्ट्र -66