देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अब लोकल ट्रेन चलाने की मांग तेज हो गई है। इस मुद्दे पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी सरकार को घेरा है। मनसे महासचिव संदीप देशपांडे ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि लोकल ट्रेन चालू नहीं की गई, तो हम कानून तोड़ने को विवश होंगे। मनसे नेता देशपांडे ने बेस्ट बस में भीड़ का वीडियो ट्वीट कर ठाकरे सरकार से सवाल किया है कि क्या बस की भीड़ से कोरोना का खतरा नहीं है। क्या सिर्फ लोकल ट्रेन से ही कोरोना का खतरा है।
उन्होंने कहा कि लगता है, सरकार को जनता की समस्या से कोई सरोकार नहीं है। खासकर, मुंबई के बाहर नाला सोपारा, वसई, विरार, ठाणे, कल्याण, अंबरनाथ. बदलापुर कर्जत और कसारा आदि उपनगरों से आने वाले नागरिकों को आधा दिन बस के सफर में ही बीत रहा है। इससे सरकार के प्रति आमजन का गुस्सा भी उफान पर है।
बस ही एकमात्र है विकल्प
दरअसल, अनलॉक प्रक्रिया के साथ ही मुंबई महानगर में दफ्तर, दुकान, मॉल आदि खोल दिए गए हैं। लेकिन उपनगर में रहने वाले लोगों के लिए आने-जाने का एकमात्र साधन बस है। क्योंकि लोकल ट्रेनों
में सिर्फ अतिआवश्यक सेवा से जुड़े लोगों को ही आने-जाने की अनुमति है। उसके लिए सरकार की ओर से बकायदा क्यूआर कोड जारी किया गया है। सड़कों पर जाम की स्थिति के चलते लोग बस में चार-चार घंटे की कष्टदायी यात्रा कर रोजी-रोटी के लिए काम पर जा रहे हैं।