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महाराष्ट्र में लगा कांग्रेस और एनसीपी को झटका, चार विधायकों ने दिया इस्तीफा

Tue, 30 Jul 2019 02:32 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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sharad pawar with rahul gandhi (फाइल फोटो) - फोटो : social media
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चार विधायकों ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा से इस्तीफा दे दिया। चारों विधायक सत्ताधारी पार्टी भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं। कांग्रेस विधायक कालिदास कोलम्बकर और राकांपा के शिवेंद्रसिंह भोसले, वैभव पिचद और संदीप नाइक ने दक्षिण मुंबई के राज्य विधान भवन में स्पीकर हरिभाऊ बागड़े को अपना त्याग पत्र सौंपा।

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कोलम्बकर मुंबई से सात बार विधायक रहे हैं जबकि शिवेंद्रसिंह भोसले ने महाराष्ट्र की सतारा विधानसभा सीट को 2014 में  47,813 वोटों से जीता था। 

ये चारों विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल होंगे। इन विधायकों को पार्टी में शामिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी बुधवार को मुंबई के सीसीआई क्लब में एक समारोह का आयोजन कर रही है, समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल होंगे और उनकी अगुवाई में ही ये विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे। विधायकों के समर्थक भी भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।  
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कुछ दिनों पहले ही भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव से पहले कम से कम 50 कांग्रेस और राकांपा विधायक भाजपा के साथ संपर्क में है।

उन्होंने कहा था कि कांग्रेस और एनसीपी के कुछ 50 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। एनसीपी के वरिष्ठ नेता चित्रा वाघ ने एक महीने पहले ही बीजेपी में शामिल होने की इच्छा जताई थी, उन्होंने दावा किया था कि उनका अपनी मूल पार्टी में कोई भविष्य नहीं बचा है। विधायक अनुरोध कर रहे हैं कि वे विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल होना चाहते है कांग्रेस घबराई हुई है और अगले कुछ हफ्तों में राकांपा कमजोर दिखेगी।

इसके जवाब में एनसीपी प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने भाजपा सरकार पर विपक्षी दलों के नेताओं को भगवा पार्टी में शामिल करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था।

पवार ने पुणे में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि भाजपा सरकार द्वारा पूरे देश में सत्ता का दुरुपयोग व्याप्त है। हमने हाल ही में देखा है कि कर्नाटक में क्या हुआ। वे मध्य प्रदेश में भी ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं। महाराष्ट्र जैसे चुनावी राज्यों में, वे राज्य एजेंसियों का उपयोग करके विपक्षी दलों के नेताओं को उनके साथ मिलाने का प्रयास कर रहे हैं। मैंने किसी भी सरकार द्वारा राज्य मशीनरी के इतने ज़बरदस्त इस्तेमाल को नहीं देखा है। 
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केवल दो महीनों में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में ये चारों विधायक पार्टी में शामिल नया चेहरा होंगे।

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