आमतौर पर सरकारी स्कूल का सुबह आठ बजे खुलते हैं और शाम पांच बजे तक बंद हो जाते हैं। मगर चंद्रपुर जिले का एक सरकारी स्कूल इस धारणा को तोड़ रहा है। जहां एक ओर ऐसा कहा जाता है कि सरकारी स्कूल में बच्चे पढ़ाई न होने से नहीं जाते वहीं यह स्कूल पढ़ाई के अलावा योग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराकर सूबे में नई मिसाल पेश कर रहा है।
रात आठ बजे तक गुलजार रहता है यह स्कूल
चंद्रपुर जिले के पालडोह गांव में जिला परिषद स्कूल का यह स्कूल तड़के 5 बजे खुलता है और रात 8 बजे बंद होता है। स्कूल में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक की पढ़ाई होती है। यहां पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं के लिए तीन टीचर मौजूद है। स्कूल में केवल दो ही कमरें है जबकि स्टूडेंट्स की संख्या 123 है। कमरों की कमी की वजह से कक्षाएं कभी पेड़ के नीचे तो कभी सड़क पर कराई जाती थी।
समस्या मिटाने को गांव ने जुटाए दो लाख रुपये
स्कूल में कमरें बनाने के लिए पूरे गांव ने दो लाख रुपये जुटाकर स्कूल प्रशासन को दिए ताकि कमरे बनवाये जा सके। यहां रविवार और छुट्टी वाले दिन सामान्य ज्ञान और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं कराई जाती है। इन परीक्षाओं के पेपर भी यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं ही करते हैं। प्रिंसिपल राजेंद्र परतेकी के मुताबिक जब शिक्षक घर चले जाते हैं, बच्चे तब भी पढ़ाई करते हैं। इसके लिए ग्रामीणों को जिम्मेदारी दी गई है।