महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या दिनोदिन बढ़ती जा रही है। जो चिंता का विषय है। लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर भी सामने आई है। वह यह कि महाराष्ट्र में जो सबसे पहले कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला था, वह पूर्णरूप से स्वस्थ हो गया है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज भी मिल गया है।
कोरोना के प्रकोप के मद्देनजर राज्य के सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने राज्यभर में 22 हजार 118 कमरे तैयार किए हैं। इनमें 55 हजार 707 बिस्तर लगाए जा सकेंगे। बुधवार को राज्य के पीडब्लूडी मंत्री अशोक चव्हाण ने यह जानकारी दी।
चव्हाण ने कहा कि कोरोना वायरस मद्देनजर पीडब्लूडी ने राज्य के कोने-कोने में स्थित सभी सरकारी इमारतों में 22 हजार 118 कमरे प्रशासन के लिए उपलब्ध करा दिए हैं। इनमें विश्राम गृह, हॉस्टल, नए तैयार सरकारी इमारत, जिनका अभी तक लोकार्पण नहीं हुआ है, आदि शामिल हैं।
इन कमरों का इस्तेमाल कोरोना संदिग्धों को क्वारंटीन करने और अस्थाई अस्पताल के तौर पर किया जा सकेगा। चव्हाण ने बताया कि आपता प्रबंधन विभाग ने कई जगहों पर इनका इस्तेमाल शुरू भी किया है।
उन्होंने बताया कि कोरोना का प्रभाव रोकने के लिए पूरे देश में लॉक डाउन है। हालांकि महाराष्ट्र में हालात काबू में हैं। लोगों को परेशान होने की जरुरत नहीं है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार तैयार है।