महाराष्ट्र कोरोना वायरस के बढ़ रहे प्रकोप के बीच प्रशासन ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बुधवार को मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त प्रवीण परदेसी ने नई गाइडलाइन जारी की जिसके तहत मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है।
यदि कोई बिना मास्क लगाए घर से बाहर निकलता है तो उसके खिलाफ नियम का उलंघन करने पर कानूनी कार्रवाई होगी और उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
करीब दो करोड़ की आबादी वाले मुंबई में अब तक कोरोना के 782 मामले सामने आ चुके हैं और 50 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 1000 पार हो चुकी है और राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण से 65 लोगों की जान चली गई है।
ऐसे में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच बीएमसी ने कठोर नियम लागू करने का निर्णय लिया है। बीएमसी आयुक्त ने कहा है कि कोरोना महामारी से निपटने की हम सब की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन करें और सामुदायिक दूरी का ख्याल रखें। इसलिए एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के नियम क्रमांक 10 के तहत कुछ निर्देश दिए जा रहे हैं।
क्या है गाइडलाइन
यदि कोई शख्स किसी भी उद्देश्य या कारण से सार्वजनिक स्थलों जैसे अस्पताल, दफ्तर, मार्केट या सड़क पर जाए तो मास्क जरूर लगाए। या तो मास्क तीन प्लाई हो या फिर कपड़े का हो, लेकिन मास्क लगाना अनिवार्य है।
अगर कोई ऑफिस की गाड़ी या अपने निजी वाहन से सफर कर रहा है, तो भी मास्क लगाना जरूरी है। कोई शख्स किसी साईट, ऑफिस, या किसी अन्य जगह पर काम करता है, तो भी उसे हर समय मास्क लगाए रखना अनिवार्य है।
कोई भी व्यक्ति बिना मास्क पहने न तो किसी बैठक में भाग ले सकता है और न ही ऐसी जगह जाएग जहां लोग होंगे।