महाराष्ट्र के गृहनिर्माण मंत्री जितेंद्र आव्हाड के बंगले पर इंजीनियर करमुसे की पिटाई के मामले में गुरुवार को पांच लोग वर्तकनगर पुलिस थाने में हाजिर हुए। सूत्रों के अनुसार सभी एनसीपी कार्यकर्ता हैं। हाजिर हुए सभी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और ठाणे न्यायालय में हाजिर किया। न्यायालय ने सभी को 13 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
इंजीनियर अनंत करमुसे ने अपनी शिकायत में कहा है कि 15 से 20 लोगों ने मिलकर उसकी पिटाई की थी। आरोपियों की पहचान परेड बाकी होने के चलते पुलिस ने उनका नाम बताने से इनकार किया है। गिरफ्तार लोगों में कोई पुलिस वाला नहीं है जबकि इंजीनियर ने पिटाई में दो पुलिसवालों के भी शामिल होने का आरोप लगाया है। इस बीच, इंजीनियर करमुसे को भी बृहस्पतिवार को पुलिस स्टेशन लाया गया था और पुलिस ने उनका फिर से बयान दर्ज किया। घटना के दिन करमुसे के शरीर में भयानक दर्द के कारण पुलिस बहुत कुछ पूछताछ नही कर पाई थी।
परांजपे ने की करमुसे को गिरफ्तार करने की मांग
एनसीपी के शहर अध्यक्ष व पूर्व सांसद आनंद परांजपे ने पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर को पत्र देकर इंजीनियर अनंत करमुसे के खिलाफ मामला दर्ज करने और उसे गिरफ्तार करने की मांग की है। परांजपे ने आयुक्त को दिए पत्र में कहा है कि करमुसे पिछले 4 साल से फेसबुक और ट्विटर के जरिए एनसीपी के पदाधिकारियों और विशेष रूप से जितेंद्र आव्हाड को टारगेट कर रहा था और उनके बारे में अश्लील, भद्दे व आपत्तिजनक कमेंट कर रहा था।
भाजपा ने की आव्हाड को आरोपी बनाने की मांग
इधर, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने गुरुवार को राज्यपाल को मामले की जांच और जितेंद्र आव्हाड को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने के लिए पत्र लिखा। वहीं, ठाणे के बीजेपी विधायक निरंजन डावखरे और संजय केलकर ने पुलिस आयुक्त को पत्र देकर आव्हाड का नाम आरोपियों में शामिल करने की मांग की है। साथ ही, बीजेपी विधायकों ने आव्हाड की सुरक्षा में तैनात और सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे पुलिस कांस्टेबलों को निलंबित करने की मांग की है।
मामले ने पकड़ा तूल
महाराष्ट्र के गृहनिर्माण मंत्री जितेन्द्र आव्हाड के बंगले पर इंजीनियर की पिटाई किए जाने के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिले और जितेंद्र आव्हाड को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दीया जलाने की अपील को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर जिस तरह से इंजीनियर को मंत्री आव्हाड के बंगले पर लाकर बेरहमी से पीटा गया है। यह बेहद संगीन मामला है। जो शिकायत हुई है, उसके तहत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
फडणवीस ने कहा कि सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करना गलत है। लेकिन यदि मंत्री द्वारा किसी को अगवा कर अपने बंगले पर इस तरह पीटा जाएगा तो प्रदेश में कानून का राज खत्म हो जाएगा। उन्होंंने राज्यपाल से मांग की कि वे राज्य सरकार से कहें कि वह जितेंद्र आव्हाड को बर्खास्त करे।
वहीं, पीड़ित इंजीनियर के घर जाने से पहले ही भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया को सुबह और शाम को विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर को पुलिस ने मुलुंड में गिरफ्तार कर लिया। इस पर महाराष्ट्र भाजपा ने एक आधिकारिक ट्वीट में कहा कि ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र सरकार के पास नई दिल्ली के मरकज से लौटे तब्लीगी जमात के सदस्यों को खोजने का समय नहीं है।
लेकिन उसके पास भाजपा नेता किरीट सोमैया को गिरफ्तार करने का समय है, जो एक आम आदमी की मदद करना चाहते थे। भाजपा ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार का पहले का बयान ट्वीट कर कहा है कि क्या शरद पवार ने अपने करीबी आव्हाड को सोशल मीडिया पर नियंत्रण करने के अपने महत्वाकांक्षी मिशन का जिम्मा सौंपा है।
आव्हाड को मिली धमकी, दाभोलकर जैसा हाल करेंगे
इस बीच पूरे मामले में नया घटनाक्रम सामने आया जब आव्हाड ने सोशल मीडिया पर डाला गया एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्हें कथित तौर पर नरेंद्र दाभोलकर की तरह मारने की धमकी दी गई। वहीं, जितेंद्र आव्हाड ने इंजीनियर अनंत करमुसे की पिटाई किए जाने के आरोप को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह 5 अप्रैल से अपने क्षेत्र में टहलते रहे और रात में घर जाकर सो गए। इसलिए उन्हें इस मारपीट के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ठाणे मतदाता जागरण अभियान ने भी की कार्रवाई की मांग
इधर, ठाणे मतदाता जागरण अभियान ने भी आव्हाड के बंगले में हुई इंजीनियर की पिटाई को गलत करार दिया है। अभियान के पदाधिकारी संजीव साने, डॉ. चेतना दीक्षित, अनिल सालिग्राम और उन्मेष बागवे ने मुख्यमंत्री और गृहमंत्री सहित ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फडणसलकर को पत्र लिखकर आव्हाड के खिलाफ फौजदारी मामला दर्ज करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अप्रैल को रात 9 बजे से 9 बजकर 9 मिनट तक अपने घर के दरवाजे या बालकनी में दीया, मोमबत्ती, टार्च या मोबाइल की बत्ती जलाने का आह्वान किया था। जितेंद्र आव्हाड ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि वे दीया नहीं जलाएंगे। उन्होंने मोदी की अपील को जनसंघ के चुनाव चिह्न दीये से जोड़ा था। इसी पर इंजीनियर अनंत करमुसे ने प्रतिक्रिया दी थी।