मध्यप्रदेश में सिवनी के जंगलों में बाघिन की मौत की जांच कर रही वन्यजीव की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के संदेह के घेरे में तांत्रिक हैं। मामले की जांच के लिए टीम सिवनी रवाना हो गई है।
कान्हा-पेंच कॉरिडोर में शनिवार को बाघिन के अवशेष मिले। शिकारियों ने मृत बाघिन के पंजों, नाखून और जबड़ों को निकाल लिया।
यह वही इलाका है जहां नए नोट में रुपये की बारिश होने का झांसा देकर बाघ और तेंदुओं को मारने के लिए आदिवासियों को उकसाने पर चार तांत्रिक गिरफ्तार किए गए थे। 'नई नोटों की बारिश' एक पुरानी ठगी का हिस्सा जो यहां बहुत पहले से जारी था। तांत्रिकों ने बाघ के पंजों से की गई तंत्र पूजा से आदिवासियों के बैंक में पड़े पैसे को दोगुना करने का वादा किया था।
इस पर विश्वास करते हुए अनपढ़ आदिवासियों ने पिछले चार-पांच महीनों के दौरान तीन बाघों और तीन तेंदुओं को कांहा-पेंच कॉरिडोर में मार डाला। इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
एसटीएफ अधिकारियों का मानना है इसी गैंग के लोग सिवनी में हुई बाघिन की भी हत्या में भी शामिल हो सकते हैं।