उमरिया में डायरिया का असर है, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई है।
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मध्य प्रदेश में बदलते मौसम के कारण अब बीमारियों का सिलसिला शुरू हो गया है। उमरिया जिले के ग्राम छोटी तुम्मी में उल्टी-दस्त, डायरिया के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। कलेक्टर ने हेल्थ टीम को वहां पहुंचने के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला है कि गंदा पानी पीने के कारण लोग बीमार हुए हैं। गांव में जांच कर घर-घर जाकर दवा वितरण किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार उमरिया जिले के पाली ब्लॉक के ग्राम छोटी तुम्मी में बीते दो दिनों में बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे हैं। अधिकांश को उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही थी। ग्रामवासी रामस्वरूप यादव पिता सोनसाय यादव 65 वर्ष की मृत्यु भी हो चुकी है। वहीं कुछ लोगों की हालत खतरे में बताई गई। इसके बाद कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरके मेहरा को तत्काल चिकित्सकों के दल एवं आवश्यक औषधियों के साथ छोट तुम्मी पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद विकासखंड स्तर से रैपिड रिस्पांस टीम तैनात की गई थी।
रैपिड रिस्पांस टीम ने ग्राम में भ्रमण कर संक्रामक बीमारी से पीड़ित लोगों के उपचार किया गया तथा तीन मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं भर्ती कराया गया। वहीं जांच में पाया गया कि ग्राम में उप स्वास्थ्य केंद्र के पास रहने वाले ग्राम वासियों के द्वारा पीने के पानी हैंड पंप का पानी उपयोग कर रहे थे। जिससे उन्हें पेट दर्द, उल्टी जैसी शिकायतें हो रही थी। हैंडपंप का पानी एकत्रित कर जांच करने के लिए भेजा गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अपील की गई है कि वर्षा ऋतु में नदी नाले का पानी उपयोग पीने में ना करें। गला-सड़ा-बासी भोजन ना खाएं। भोजन को ढंक कर रखें। पीने के पानी को छानकर एवं उबालकर ही पीएं एवं प्राथमिक उपचार उपचार हेतु ग्राम में आशा कार्यकर्ता के पास जिंक, ओआरएस, पेरासिटामोल टेबलेट जैसी आवश्यक उपचार दवाइयां उपलब्ध करा दी गई हैं।