गंजबासौदा के अपर सत्र न्यायालय ने गुरुवार को 2023 के चर्चित हत्याकांड में फैसला सुनाया। अदालत ने पति सौरभ की हत्या में शामिल पत्नी रिचा जैन और उसके प्रेमी सहित कुल छह आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। मुख्य साजिशकर्ता पत्नी और उसके प्रेमी समेत पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा दी गई। एक अन्य आरोपी को 10 साल की कैद और जुर्माना लगाया गया।
यह पूरा मामला अवैध संबंधों और साजिश का है। अभियोजन के अनुसार रिचा जैन का दीपेश भार्गव से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर रिचा के पति सौरभ को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पहले उन्होंने घर पर ही वारदात को अंजाम देने की कोशिश की, लेकिन सौरभ के माता-पिता के घर पर होने के कारण योजना फेल हो गई। इसके बाद आरोपियों ने सुनसान जगह पर हत्या की नई साजिश रची।
22 फरवरी 2023 की रात रिचा ने सौरभ को भोपाल ले जाने के बहाने घर से बाहर निकाला। दीपेश ने टैक्सी की व्यवस्था की। रात करीब 9 बजे पति-पत्नी भोपाल के लिए रवाना हुए।
साजिश के तहत सिरोंज के रोलपुरा चौराहे पर पहले से लखन जाटव और राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव अपने साथी के साथ मौजूद थे। यहां पहली गाड़ी बदलकर मारुति 800 में सभी सवार हुए। रिचा बच्चे के साथ आगे बैठी, सौरभ बीच में और पीछे लखन व उसका साथी बैठे। गाड़ी करीब 15-20 किमी चलने के बाद सिरोंज-लटेरी मार्ग पर कच्चे रास्ते से जंगल की तरफ मोड़ दी गई। सुनसान जगह पर लखन और उसके साथी ने सौरभ के गले में तौलिया डालकर गला घोंट दिया। सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी रिचा ने खुद पति के चेहरे पर पत्थर से वार किए
पहचान मिटाने के लिए रिचा ने खुद पत्थर से सौरभ के चेहरे पर वार किए। इसके बाद सभी ने मिलकर शव को वन विभाग की एक खंती में डालकर ऊपर से मिट्टी डाल दी और फरार हो गए। मामले की जांच में पुलिस को कॉल डिटेल, गाड़ी और गवाहों के बयान मिले। पूछताछ में पूरा नेटवर्क सामने आया। पुलिस ने रिचा जैन, दीपेश भार्गव, लखन जाटव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, गुरु उर्फ गोलू मंसूरी उर्फ सागर और अंशुल जैन को गिरफ्तार किया।
गुरुवार को मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रिचा जैन, दीपेश भार्गव, लखन जाटव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव और गुरु उर्फ गोलू मंसूरी को बीएनएस की संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर जुर्माना भी लगाया। वहीं, आरोपी अंशुल जैन को 10 वर्ष के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी गई।
सजा मिलने के बाद रोते अपराधी