उमरिया के पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बेली स्थित है, जहां नल जल योजना के तहत जगह-जगह पर पाइप लाइन बिछा दी गई है। पानी की टंकी का निर्माण भी लाखों की लागत से हो गया है। लेकिन वह शो पीस बनती हुई नजर आ रही है। क्योंकि जिस वजह से पानी की टंकी का निर्माण कार्य हुआ था, वह तो अभी तक हुआ ही नहीं। यानी कुल मिलाकर पानी की टंकी तो बनाई गई, लेकिन सप्लाई नहीं हो पा रही है। लोगों के घरों तक साफ पानी तो क्या पानी की एक बूंद नहीं आ रही है।
आपको बता दें कि जगह-जगह बिछी पाइप लाइन बिल्कुल पूरी तरह से टूट चुकी है। जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पाइप लाइन को सुधारने का कार्य नहीं किया जा रहा है, जिसकी वजह से उनके घरों तक पानी नहीं आ पाता है। वहीं, पानी की टंकी सिर्फ बनाई गई है, न तो उसको शुरू किया जाता है और न ही लोगों को समस्या सुनी जाती है।
शासन ने यह पैसा अपने जेब से नहीं लगाया है, क्योंकि यह है आम आदमी का ही पैसा है। जो किसी का किसी कर और टैक्स के माध्यम से शासन तक पहुंचता है और शासन जनहित ऐसी योजनाओं के लिए फिर से भेज देती है। लेकिन यहां भ्रष्टाचार का इस कदर आलम छाया हुआ है कि सोचिए कि अभी तक पाइप लाइन न ठीक होने की वजह से घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।
यह केवल एक गांव की हालत नहीं है। क्योंकि यह पूरे मध्यप्रदेश के हालात बयां करते हैं। जहां पूरे मध्यप्रदेश में इसी प्रकार पाइप लाइन का कार्य तो हो चुका है, लेकिन अधिकतर जगह सही अवस्था में नहीं चल रही है। अगर किसी गांव में पानी की टंकी बनाकर नाल चालू हो गया है तो वह कुछ दिन बाद ऑटोमेटिक बंद हो जाता है। क्योंकि लीकेज की समस्या सबसे बड़ी है, जहां मेंटेनेंस न होने की वजह से ऐसा कार्य हो रहा है।
हालांकि, अगर शासन मेंटेनेंस का कार्य अच्छे और सुचारू ढंग से कर सके तो लोगों को यह सुविधा का लाभ जरूर मिल पाएगा। बहरहाल अभी हम ग्राम पंचायत क्षेत्र बेली की बात कर रहे हैं, जहां बेली में लोगों को असुविधा हो रही है और लोग स्वच्छ पानी पीने के लिए तरस रहे हैं।