मध्यप्रदेश का घूस से गहरा नाता है और पुलिस विभाग का इससे अब और भी अधिक कनेक्शन जुड़ रहा है। पुलिस विभाग के कर्मचारी लगातार लोगों की जब लूट रहे हैं और गलत काम कर रहे हैं। ऐसा लोगों ने कई बार उमरिया जिलावासियों ने आरोप लगाया था। लेकिन पुलिस विभाग अपने ही विभाग के कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। लेकिन एक ऑडियो वायरल होने के बाद आखिरकार एसपी ने संज्ञान लिया और उसे रिश्वतखोर पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया है।
दरअसल, यह पूरा मामला उमरिया जिले का है। जहां चंदिया थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक महताप सिंह परस्ते को शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने निलंबित कर दिया है। प्रधान आरक्षक परस्ते पर एक दुर्घटना मामले में गाड़ी बदलने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वहीं, एसपी निवेदता नायडू ने प्रधान आरक्षक को निलंबित करते हुए पुलिस लाइन से अटैच कर दिया है।
पूरा मामला चंदिया थाना के पठानी मोहल्ला में 24 दिसंबर को एक सोनालिका ट्रैक्टर से दुर्घटना हुई थी। इस मामले में कार्रवाई में बदलाव करने और दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को बदलने की एवज में प्रधान आरक्षक ने 50 हजार रुपये की मांग की है। इस संबंध में एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। शिकायतकर्ता तुलसी कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू से मामले को लेकर शिकायत की थी। इस पर एसपी नायडू ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन मुख्यालय में रिपोर्ट करना होगा।