बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र में शिकारियों के लालच ने एक बाघ की जान ले ली। सुखदास गांव के पास एक बाघ की करंट लगने से मौत हो गई, जिसे आरोपियों ने छिपाने के लिए भदार नदी किनारे आरएफ 394 बीट जाजागढ़ में दफना दिया। जैसे ही पार्क प्रशासन को इसकी भनक लगी, पूरा वन विभाग हरकत में आ गया।
जांच के दौरान पता चला कि ग्राम सुखदास के दो आरोपी रामचरण कौल और पांडू कौल इस घटना में शामिल थे। पनपथा बफर टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ पीओआर क्र. 357/13 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई जीआई तार और कुल्हाड़ी भी जब्त की है।
वन विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई के चलते पूरे मामले का खुलासा हो गया। संभावना जताई जा रही है कि पोस्टमार्टम के बाद मृत बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के निर्देशन में किया गया। मौके पर एसडीओ बी.एस. उप्पल, रेंजर अर्पित मैराल, डिप्टी रामसिया शुक्ला, चैन सिंह मार्को, वनरक्षक मोहित खटीक, धर्म पाल बैगा, अनिल सोनवानी, कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश बैगा, रामभजन सोनी, आशीष पटेल, राजकुमार गुप्ता (डॉग स्क्वायड) समेत पूरी टीम मौजूद रही।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक पीके वर्मा के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान रामचरण कौल और पांडू कौल के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।