नगर पालिका परिषद के भवन निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के चतुर्थ चरण के तहत नगर पालिका परिषद पाली में लगभग 95 लाख रुपये की लागत से कार्यालय भवन का निर्माण जारी है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष और वार्ड पार्षद संजीव खंडेलवाल ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण सामग्री निम्न स्तर की उपयोग की जा रही है और मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। श्री खंडेलवाल ने नगर पालिका के इंजीनियर संतोष पांडे पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी उन्होंने कोई सुधार नहीं किया।
खंडेलवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पाली नगर पालिका के अन्य निर्माण कार्यों में भी गुणवत्ता की अनदेखी हो रही है और केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर जांच की मांग करेंगे।
मामले पर शहडोल की कमिश्नर सुरभि गुप्ता ने कहा कि वे इस विषय को गंभीरता से लेंगी और जल्द ही इसकी जांच करवाएंगी।
स्थानीय लोगों में भी निर्माण कार्य को लेकर असंतोष है। उनका कहना है कि सरकारी धन का सही उपयोग होना चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
यह पहला मौका नहीं है जब पाली नगर पालिका में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इससे पहले बस स्टैंड निर्माण के दौरान भी ऐसी ही शिकायतें आई थीं, जिनमें ठेकेदार द्वारा लीपापोती कर मामले को दबाने की कोशिश की गई थी।
नगर पालिका परिषद के भवन निर्माण में गुणवत्ता पर उठे सवाल