मातृ दिवस के मौके पर जब हम मां के प्रेम, त्याग और सुरक्षा की भावना की बात करते हैं, तो अक्सर इंसानी रिश्ते सामने आते हैं। लेकिन प्रकृति में भी मातृत्व की मिसालें किसी से कम नहीं होतीं। इसका जीवंत उदाहरण हाल ही में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में देखने को मिला।
यहां जंगल की गोद में एक गौर मां अपने नवजात बछड़े को दूध पिलाते हुए नजर आई। खुली प्रकृति के बीच, इस मां ने बिना किसी भय के अपने बच्चे को स्नेह और सुरक्षा दी, मानो यह उसकी दुनिया का सबसे कीमती पल हो।
ये भी पढ़ें-
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में रॉयल बंगाल टाइगर का 'फैमिली फोटोशूट'...मदमस्त कदम बढ़ाते हुए आए नजर
गौर को भारतीय जंगलों का शांत लेकिन बलशाली प्राणी माना जाता है। वह जितनी शक्तिशाली होती है, उतनी ही संवेदनशील और स्नेहिल मां भी होती है। यह दृश्य न केवल वन अधिकारियों के कैमरे में कैद हुआ, बल्कि हर देखने वाले के दिल को छू गया। बीटीआर के मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक डॉ. अनुपम सहाय, आईएफएस, बताते हैं कि जब कोई वन्य मां अपने बच्चे के साथ इस तरह निर्भय दिखे, तो समझा जा सकता है कि जंगल वास्तव में सुरक्षित और संतुलित है। यह दृश्य वन्यजीव संरक्षण की सफलता का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें-
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के 10 किमी दायरे में संचालित आरा मशीनों पर HC की सख्ती, हटाने के निर्देश
बांधवगढ़, जो बाघों की भूमि के रूप में प्रसिद्ध है, आज गौर, तेंदुआ, हिरण सहित सैकड़ों पक्षियों और कीटों का भी आश्रय स्थल है। यहां का समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देता है, बल्कि प्रत्येक प्राणी को अपने स्वाभाविक व्यवहार को व्यक्त करने की स्वतंत्रता भी देता है। इस गौर मां और उसके बछड़े की यह नन्ही लेकिन भावनात्मक झलक हमें याद दिलाती है कि मां का रिश्ता केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। हर जीव में यह भावना गहराई से बसती है निर्विवाद, निश्छल और निस्वार्थ।
गौर मां के साथ नन्हे बछडा