उमरिया जिले का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों के लिए प्रसिद्ध है। लेकिन हाथियों की मौत को लेकर सुर्खियों में आ गया है और अब बाघ को लेकर फिर से सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघ के गले में फंदा लगा हुआ है और वो घायल अवस्था में घूम रहा है, जिसकी तलाश में आज बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आलाधिकारी कर्मचारी दिनभर जुटे रहे।
बता दें कि अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। जब बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तीन दिन के अंतराल में ही 10 हाथियों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे देश में इसे लेकर हड़कंप मच गया था। उसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लगातार सुर्खियों में बना हुआ था और अब जिस बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व को बाघों के लिए जाना जाता है, वहां बाघ भी सुरक्षित नहीं है। बताया जा रहा है कि ये घायल बाघ गले में फंदा लेकर घूम रहा है। घायल बाघ को लेकर बताया जा रहा है कि सोमवार शाम को कुछ पर्यटक सफारी कर रहे थे। इस दौरान उन्हें वो घायल बाघ दिखा। उसके बाद इसकी सूचना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के प्रशासन को दी गई।
इस घायल बाघ को लेकर बताया जा रहा है कि 10 हाथियों की मौत जिस लोकेशन में हुई थी। वहीं, से 300 मीटर की दूरी पर गले में फंदा लगा टाइगर दिखा है। यह ग्राम सलखनिया से मात्र 300 मीटर की दूरी पर दिखा है, बाघ के गले में फंदा है। घायल बाघ की सूचना जैसे ही BTR प्रबंधन को लगी। लगातार उसकी तलाश की जा रही है। सूचना मिलते ही तुरंत अधिकारियों की खोजबीन शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने बताया कि बाघ जंगल में लगातार अपना स्थान बदल रहा है, वो अभी स्वस्थ है। रेस्क्यू के लिए डॉक्टर्स की टीम भी लगाई गई है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा ने बताया कि बाघ को ढूंढने के लिए तीन क्षेत्रों की टीम को लगाया गया है। इसमें 50 से अधिक अधिकारी कर्मचारी और चार हाथी दल शामिल हैं, जो लगातार बाघ का रेस्क्यू करने की कोशिश कर रहे हैं। बाघ को ढूंढने के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रबंध लगातार प्रयासरत है।