पुलिस ने आराेपी पिता को किया गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में नारायण बैगा की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। प्रेम प्रसंग के चलते नारायण की हत्या की गई थी। आरोपी पिता ने अपनी बेटी को नारायण के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा तो आपा खो दिया और फिर उसकी हत्या कर दी। रविवार को हुए इस हत्याकांड में पुलिस ने मोहन पिता बाबादीन सिंह (45) निवासी अगनहुडी को गिरफ्तार किया है।
उमरिया एसपी निवेदिता नायडू ने बताया कि अगनहुडी गांव में रहने वाले नारायण बैगा (28) की रविवार को हत्या कर दी गई थी। वह शादीशुदा था और दो बच्चों का पिता भी था। पुलिस को उसका शव गांव के ही खेत में बोरी में बंद मिला था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान मोहन सिंह की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसका अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पिता ने बेटी को नारायण के साथ देखा
आरोपी मोहन ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहा है। रविवार को वह काम कर गांव लौटा तो उसने घर के पास बनी एक झोपड़ी में अपने बेटी को नारायण के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा। जिससे उसे गुस्सा आ गया और उसने उसके सिर पर डंडे से बार किया। जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गया, यह सब देखकर उसकी बेटी वहां भागकर घर चली गई। इसके बाद उसने एक बड़ा सा पत्थर उसके सिर पर मारा, सिर फटने से नारायण का अधिक खून बह गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में आरोपी ने शव को एक बोरी में बंद किया और कंधे पर उठाकर उसे पास के एक खेत में फेंक दिया। रातभर घर रहने के बाद वह सोमवार सुबह मजदूरी करने उमरिया चला गया।
पूछताछ में कबूल किया जुर्म
पुलिस की जांच के दौरान नारायण बैगा के अवैध संबंध की बात सामने आई। पुलिस और गहनता से जांच की तो शक की सुई मोहन पिता बाबादीन सिंह पर अटक गई। मंगलवार को पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी मोहन सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया गया।
लंबे समय से चल रहा था प्रेम प्रसंग
पुलिस ने बताया कि 28 साल का नारायण बैगा विवाहित था। उसके दो बेटियां और एक बेटा है। नारायण का आरोपी मोहन के घर आना जाना था। इसी के चलते उसकी नारायण की बेटी से नजदीकियां बढ़ गईं और दोनों में प्रेम संबंध हो गए। मोहन की इसकी जानकारी लगी तो उसने नारायण को समझाने का प्रयास किया। रविवार को दोनों को साथ देखकर उसका खून खौल गया और उसने नारायण को मौत के घाट उतार दिया। नारायण की मौत ने उसके परिवार को सदमे में डाल दिया है। मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने जीवन यापन का भी संकट खड़ा हो गया है।