पिंजरे में कैद तेंदुआ (फाइल फोटो)
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उमरिया जिले में मानपुर परिक्षेत्र के खोरही बीट में रेस्क्यू कर कब्जे में लिया गया दो से ढाई साल के तेंदुए की दुखद मौत हो गई है। वहीं, सूत्रों की माने तो रेस्क्यू के बाद पार्क प्रबंधन तेंदुए को ताला लगाया था। जहां वन्य प्राणी चिकित्सकों की मदद से चिकित्सकीय उपचार किया जा रहा था।
बता दें कि अपेक्षाकृत स्वास्थ्य सुधार न होता देख तेंदुए को भोपाल स्थित उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुकुंदपुर ले जाया गया था। परंतु इलाज के दौरान कुछ ही घंटे में तेंदुए की मौत हो गई। वहीं, इस दौरान वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. वैभव मौजूद रहे। विदित हो कि मृत तेंदुआ तीन वन कर्मियों समेत करीब 10 लोगों पर हमला किया था, जिसमें कई तो अभी भी इलाजरत है।
जहां कुल मिलाकर मानपुर परिक्षेत्र के हिरौली गांव में इन घटनाओं के दृष्टिगत लोगों में जमकर दहशत रही है। तेंदुए के इस अप्राकृतिक स्वभाव को देखते ये कयास लगाए जा रहे थे कि तेंदुआ रेबीज नामक बीमारी से ग्रस्त रहा होगा। हालांकि, कुछ ही हफ्तों में 11 हाथियों की मौत के बाद तेंदुए की मौत वन्य प्राणी प्रेमियों एवं पार्क प्रबन्धन के लिए गहरा सदमा है।
देखना होगा विश्व विख्यात नेशनल पार्क बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के वन्य प्राणियों को सुरक्षा देने में नवागत फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय कौन सा नया कदम उठाते हैं। हालिया दिनों में जिस तरह वन्य प्राणियों के हमले और उनकी मौतों की खबर लोकल और नेशनल लेबल पर चिंता का विषय बन रही है। उन्हें फिर से पटरी पर लाना शायद नवागत फील्ड डायरेक्टर के लिए बड़ी चुनौती होगी।