उमरिया में आए दिन हाथियों का आतंक देखने को मिलता है। एक बार फिर से हाथी जंगल को छोड़कर गांव की ओर रुख कर चुके हैं और खेतों में लगे फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसे लेकर ग्रामीण परेशान हैं, क्योंकि खड़ी फसल को हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उमरिया जिले के बेली गांव में हाथी पहुंचे हुए थे। जहां हाथियों के झुंड ने गेहूं की फसल को जमकर नुकसान पहुंचाया। क्योंकि रबी सीजन चल रहा है, रबी सीजन में गेहूं के फसल की खेती बड़े तादात में की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अरुण यादव, बबलू यादव समेत गांव के कई लोगों के फसलों का नुकसान हुआ है, जिसके मुआवजे के लिए भी ग्रामीणों ने तहसीलदार से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी जंगल से गांव की ओर आ गए और गांव में खेतों में लगे गेहूं की फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया, जिससे उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
इधर हाथियों का आतंक, उधर लाइट बंद
हाथियों को करंट ना लगे उनके सुरक्षा के मद्देनजर जिधर भी हाथियों का मूवमेंट होता है, उधर की लाइट को बंद करवा दिया जाता है, लेकिन इससे ग्रामीणों की भी परेशानी बढ़ती है। क्योंकि एक ओर हाथियों का आतंक दूसरी ओर अंधेरा। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही हाथियों का मूवमेंट उनके गांव की ओर बढ़ा, गांव की लाइट बंद करवा दी गई। जिससे गांव वालों के सामने अजब-गजब समस्या आ खड़ी हुई है। लाइट बंद हो जाने से परेशानी और बढ़ जाती है।
अब कहां हैं हाथी?
बेली गांव में फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों का ये पूरा झुंड परसोरा होते हुए बांधवगढ़ के जंगलों की ओर एक बार फिर से रवाना हो गया है। इसके बाद से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन ग्रामीणों ने अपनी परेशानी भी बयां की। उनका कहना है कि खेती किसानी में लगातार मेहनत करते हैं, और ऐसे ही कभी भी हाथी खेतों में आ जाते हैं और फसलों को चौपट करके चले जाते हैं, जिससे उनका काफी नुकसान हो जाता है।
हाथियों के आतंक के मामले में जब बेली गांव के सचिव मदन सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बीते दिनों गांव में जंगली हाथियों का झुंड आया था। कुछ किसानों की फसलों को खराब किया है। जहां पटवारी आई हुई थीं, पंचनामा बनाया गया है।