उमरिया जिले में लगातार बढ़ते जंगली जानवरों के हमले रोकने की कवायद की जा रही है। प्रबंधन ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र से सटे गांव में सोलर पैनल के माध्यम से करंट फैलाने का फैसला कर लिया है। जानवर जैसे ही तार के पास पहुंचेंगे उन्हें जोर का झटका लगेगा और वे गांव की तरफ नहीं जाएंगे।
बता दें कि उमरिया के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सीमा से लगे आधा दर्जन गांवो में बीते नौ माह के भीतर बाघ के हमले से छह ग्रामीणों की मौत के बाद पार्क प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। पार्क प्रबंधन बाघ के हमले से प्रभावित आधा दर्जन गांवों में तारबंदी के जरिए सोलर करंट फैलाएगा। प्रबंधन का दावा है कि जैसे ही वन्य जीव फेंसिंग को लांघने की कोशिश करेगा सोलर पैनल करंट के झटके से वापस जंगल की ओर लौट जाएगा और ग्रामीणों को बाघ तेंदुआ और जंगली हाथियों के उत्पात से निजात मिलेगी।
गौरतलब है कि बांधवगढ़ में बाघ, तेंदुए के अलावा वर्तमान में जंगली हाथी भी गांवों में घुसकर उत्पात मचा रहे हैं, जिसके कारण लगातार वन विभाग और ग्रामीणों के बीच द्वंद्व बढ़ रहा है। जहां हिंसक जानवर ग्रामीणों की फसल और घर तो तबाह ही करते हैं। इसके अलावा ग्रामीणों को जनहानि का भी खामियाजा उठाना पड़ रहा है। प्रबंधन की कवायद से अब ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।