बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, जो बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, अब गिद्धों की बढ़ती आबादी के लिए भी चर्चा में है। पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले गिद्धों की तीन दिवसीय गणना 17 फरवरी से शुरू होकर 19 फरवरी को पूरी हुई। इस गणना में कुल 267 गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें 245 वयस्क और 22 अवयस्क गिद्ध शामिल हैं।
ताला जोन में सबसे अधिक गिद्ध
गणना के अनुसार, बांधवगढ़ के विभिन्न परिक्षेत्रों में गिद्ध देखे गए, लेकिन सबसे ज्यादा संख्या ताला जोन में पाई गई। यह इलाका अपने घने वन क्षेत्र और पहाड़ियों की वजह से गिद्धों के लिए आदर्श निवास स्थल बन गया है।
तीन दिन की गणना
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि प्रशिक्षित टीम ने कठिन परिश्रम और सावधानीपूर्वक गणना करते हुए पहले दिन 230, दूसरे दिन 305 और तीसरे दिन 267 गिद्धों को देखा। तीनों दिन के औसत के आधार पर गिद्धों की कुल संख्या 267 मानी गई है।
पर्यावरण संतुलन में गिद्धों का महत्व
गिद्ध पर्यावरण को साफ रखने और पोषक तत्वों के चक्रण में अहम भूमिका निभाते हैं। वे मृत जानवरों को खाकर बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं, जिससे वन्यजीवों और पशुओं के बीच संक्रमण का खतरा कम होता है। इसी वजह से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन द्वारा गिद्धों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
संरक्षण की दिशा में कदम
गिद्धों की घटती संख्या को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में यह गणना और संरक्षण अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल गिद्धों की संख्या को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि इनके संरक्षण की दिशा में ठोस योजनाएं भी बनाई जा सकेंगी।
बांधवगढ़ में गिद्धों की यह बढ़ती संख्या पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है।