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Simhastha 2028: सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना में तेजी, 60 प्रतिशत काम पूरा; निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त

Sat, 20 Sep 2025 02:48 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

इस परियोजना के तहत सेवरखेड़ी में 1.45 मि.घ.मी. क्षमता का बैराज निर्माण और सिलारखेड़ी जलाशय की क्षमता 51 मि.घ.मी. तक बढ़ाई जा रही है। वहां से पाइपलाइन के जरिए जल क्षिप्रा नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त जल मिलेगा और उज्जैन की पेयजल मांग भी पूरी हो सकेगी।
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निरीक्षण करने पहुंचे संभागायुक्त। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ पर्व के दौरान श्रद्धालुओं के स्नान हेतु क्षिप्रा नदी का जल उपलब्ध कराना है। परियोजना पूर्ण हो जाने से क्षिप्रा नदी को स्वच्छ एवं निरन्तर प्रवाहमान किया जा सकेगा एवं उज्जैन शहर की आगामी पेयजल की मांग की पूर्ति की जा सकेगी। इस परियोजना में ग्राम सेवरखेड़ी में 1.45 मि.घ.मी. क्षमता का बैराज निर्माण कर, यहां से तीन मीटर व्यास के 6.50 कि.मी. पाइप लाइन द्वारा क्षिप्रा नदी का जल सिलारखेड़ी जलाशय में संचित किया जाएगा। इस हेतु सिलारखेड़ी जलाशय की क्षमता 51 मी.घ.मी. तक बढ़ाया जाएगा। सिलारखेड़ी जलाशय में संचित जल 1.80 मी. व्यास की 7.00 कि.मी. लंबी पाइप लाइन द्वारा पुन: क्षिप्रा नदी में ग्राम कुंवारिया के समीप आवश्यकता अनुसार छोड़ा जाएगा। परियोजना में निर्माण कार्य की समय सीमा अनुबंध के साथ पांच वर्षों का संचालन तथा रखरखाव का प्रावधान किया गया हैं।
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सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना के तहत सिलारखेड़ी में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का अवलोकन संभागायुक्त आशीष सिंह ने किया। सिलारखेड़ी के निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि वहां केसिंग, हार्टिंग पोर्शन का कार्य चल रहा है तथा कुल 03 कि.मी. उत्खनन कार्य हुआ है व 3.5 कि.मी लंबाई में अपस्ट्रीम का कार्य चल रहा है। संभागायुक्त ने प्रोजेक्ट के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण और धारा 21 की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

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निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि सेवरखेड़ी सिलारखेडी परियोजना के अंतर्गत बैराज निर्माण का कार्य लगभग 60 प्रतिशत पूर्ण हो गया है। पंप हाउस का सिविल कार्य आगामी 2 से 3 महीने में पूर्ण हो जाएगा। संभागायुक्त सिंह ने निर्माण कार्य के लिए उपयोग में आने वाली निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की समय समय पर जांच करने के निर्देश दिए गए। जानकारी दी गई कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रयोगशाला प्ररियोजना स्थल के समीप ही बनाई गई है तथा समय समय पर इंजीनियर्स के द्वारा साइट विजिट भी की जाती है। संभागायुक्त सिंह ने गुणवत्ता जांच के लिए बनाई गई प्रयोगशाला का अवलोकन किया और सामग्री की जांच की रिपोर्ट देखी। उन्होंने कांक्रीट ब्लाक की गुणवत्ता का परीक्षण अपने समक्ष करवाया।



संभागायुक्त सिंह ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता की रिपोर्ट पर समय समय पर जांचकर्ता अधिकारी के हस्ताक्षर करवाए जाएं। निरीक्षण के समय समय पर नोट्स बनाए जाएं। संभागायुक्त सिंह ने विक्रम उद्योगपुरी में ग्राम हंसखेड़ी में परियोजना के अंतर्गत उपयोग में आने वाले पाइपों का अवलोकन किया। बताया गया कि पाइप पर जंग रोधी स्प्रे किया जा रहा है। पाइप का उपयोग सिलारखेड़ी में बन रहे बैराज में कनेक्शन के लिए किया जाएगा। इसके पश्चात संभागायुक्त ने ग्राम गंगेड़ी में कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के अंतर्गत निमार्णाधीन केच सेगमेंट का अवलोकन किया। जानकारी दी गई कि वहां डी शेप में टनल और पाईप्स का निर्माण किया जा रहा है। सेगमेंट को आपस में जोड़ा जाएगा तथा ग्राउटींग होल का निर्माण किया जा रहा है।
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संभागायुक्त ने निर्माण सामग्री की समय समय पर गुणवत्ता की जांच पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। संभागायुक्त सिंह ने कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना के शाफ्ट टू कट एंड कवर टनल का अवलोकन किया और विभाग के अधिकारियों से परियोजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि चिंतामण जवासिया के समीप परियोजना के अंतर्गत निर्माण कार्य करने के लिए रेलवे विभाग की अनुमति प्राप्त नहीं हुई है। इस पर संभागायुक्त ने रेल्वे के अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र अनुमति प्रदान करने के बारे में चर्चा की और शीघ्रातिशीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान ई जल संसाधन विभाग मयंक सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।



यह है सेवरखेड़ी- सिलारखेड़ी परियोजना 
मां क्षिप्रा को निरंतर प्रवाहमान बनाएं रखने लिए सेवरखेड़ी- सिलारखेड़ी परियोजना 614.53 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है। यह परियोजना सिहंस्थ के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। जिसका कार्य मौके पर प्रारंभ हो चुका है। परियोजना में सेवरखेड़ी में बैराज का निर्माण कर मानसून के समय बैराज से 51 मिली घन मीटर जल को लिफ्ट (उद्वहन) कर सिलारखेड़ी जलाशय में डाला जाएगा। जिसके लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जलाशय का विस्तार टेंकनूमा आकृति में किया जा रहा है। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जलाशय की आकृत्ति से कोई नया डूब क्षेत्र उत्पन्न नहीं होगा। परियोजना से वर्षा के जल का उपयोग कर संपूर्ण वर्ष क्षिप्रा प्रवाहमान रहेगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वर्षा ऋतु में क्षिप्रा नदी के जल को सिलारखेड़ी जलाशय में एकत्र कर पुन: आवश्यकता अनुसार क्षिप्रा नदी में प्रवाहित कर क्षिप्रा नदी को निरन्तर प्रवाहमान बनाना है। 
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