सतना की नाबालिग के साथ हुई दुष्कर्म की घटना के बाद पुलिस ने भले ही न्यायालय के आदेश पर आरोपी भरत सोनी को इलाज के लिए इंदौर अस्पताल में भर्ती करवा दिया हो, लेकिन दुष्कर्म पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिले इसके लिए उज्जैन पुलिस साक्ष्य जुटाने में लग गई है। ताकि जब यह मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले तो आरोपी को जल्द से जल्द उसके कर्मों की सजा मिल सके।
नाबालिग से दुष्कर्म के मामले को उज्जैन पुलिस ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का फैसला लिया है। ताकि पीड़िता को जल्दी से जल्दी न्याय मिल सके। दुष्कर्म के आरोपी को 72 घंटे में गिरफ्तार करने वाली पुलिस इन दिनों आरोपी को सजा तक पहुंचाने और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए डीएनए व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटा रही है।
सोर्स बताते हैं कि दुष्कर्म का शिकार हुई नाबालिग मानसिक रूप से कमजोर है। इसलिए उसके बयान के लिए विशेषज्ञों की सलाह ली जा रही है। जिससे फास्ट्रेक कोर्ट मे पीड़िता को बयान देने में किसी भी प्रकार की समस्या ना आ पाए।
बताया जाता है कि इंदौर में एक ऐसा ही दुष्कर्म का मामला वर्ष 2018 में सामना आया था, जिसमे आरोपी ने पांच माह की लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था और बाद में उसकी हत्या भी कर दी थी। इस मामले को इंदौर पुलिस ने फास्ट्रेक कोर्ट मे चलाया था जिसमें 24 दिनों मे आरोपी को फांसी की सजा हो गई थी।
दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग की यूनिफॉर्म मिली
सतना की नाबालिग से जीवनखेड़ी में आरोपी ऑटो चालक ने दुष्कर्म किया था। पुलिस ने वहां से छात्रा की यूनिफॉर्म बरामद कर ली है। पुलिस उसकी जांच करवाएगी। इसके अलावा आरोपी को सजा दिलवाने के लिए डीएनए व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटा रही है। ताकि उसे जल्द से जल्द सजा दिलवाई जा सके।
इन धाराओं में है मामला दर्ज
बता दें कि आरोपी भरत सोनी के खिलाफ आइपीसी की धारा 376, 376 (3) और 3/4/2 पाक्सो एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया है। इसमें फांसी की सजा भी हो सकती है। एक अन्य ऑटो चालक राकेश मालवीय पर घटना की जानकारी होने पर भी पुलिस को सूचना नहीं देने को लेकर साक्ष्य छुपाने का प्रकरण दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा का कहना है कि जल्द ही कोर्ट की परमिशन पर घटनास्थल को रिक्रिएट किया जाएगा। साथ ही इस केस को डिस्ट्रिक्ट को प्रोजीकेशन के माध्यम से कॉर्डिनेट कर हम इसे फास्ट ट्रेक में चलाने की तैयारी कर रहे है।