उज्जैन जिले में तीन दिन पहले उंडासा पड़ाव पर पंचक्रोशी यात्रा में शामिल एक युवक की एकाएक तबीयत बिगड़ गई। उसके साथ आए लोग उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। हैरानी की बात यह रही कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने मृतक का पीएम करवाना भी उचित नहीं समझा, जिसके चलते सिविल सर्जन ने उक्त डॉक्टर को नोटिस जारी किया है।
जानकारी के अनुसार मेटवाड़ देपालपुर के रहने वाला बंसीलाल पिता मोहनलाल (32) वहीं के रहने वाले 18 लोगों के साथ 3 मई को शुरू हुई पंचक्रोशी यात्रा में शामिल हुआ था। यात्रा करने के बाद रात को उनका दल उंडासा पड़ाव पर पहुंच गया था। रात में सभी लोग उंडासा में ही सोए हुए थे। इसी दौरान तड़के 4 बजे बंसीलाल की तबीयत बिगड़ने लगी और वह उल्टियां करने लगा। इस पर उसके साथी तत्काल उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।
तेज गर्मी से उसकी तबीयत बिगड़ी थी और वह उल्टी दस्त का शिकार हो गया, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मृतक के परिवार के लोग भी उज्जैन पहुंच गए थे। लेकिन, मौके पर मौजूद डॉ गगनसिंह परिहार ने मृतक का पोस्टमार्टम कराए बगैर और पुलिस को सूचित किए बिना ही शव परिजनों को घर ले जाने के लिए दे दिया। इस लापरवाही पर सिविल सर्जन डॉ. पी एन वर्मा ने डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।