उज्जैन में दो दिन पहले ग्राम धतुरिया में रहने वाली एक महिला अपने पति के साथ पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह के पास पहुंची थी, जिन्होंने पुलिस महानिरीक्षक से मिलकर गांव में रहने वाले कुछ लोगों पर दुष्कर्म करने, मकान तोड़ने, नहाते समय वीडियो बनाने और थाने पहुंचकर शिकायत करने पर गर्दन काट देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही महिला ने थाना सलसलाई पुलिस पर भी यह आरोप लगाया था कि आठ दिन बीतने के बावजूद भी इस मामले में पुलिस ने दुष्कर्म का प्रकरण आरोपियों के खिलाफ दर्ज नहीं किया है।
पुलिस महानिरीक्षक को दिए गए शिकायती आवेदन के बाद इस मामले में कार्रवाई की जा रही थी कि दूसरा पक्ष भी अपनी बात लेकर थाने पहुंच गया और उसने बताया कि न तो हमने किसी का मकान तोड़ा है और न ही किसी के साथ दुष्कर्म किया है। हम पुलिस की हर कार्रवाई के लिए तैयार हैं। पुलिस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करे, बस यही हमारा निवेदन है।
महिला द्वारा लगाए गए आरोप के बाद गांव में रहने वाले अर्जुन पिता बापू सिंह राजपूत निवासी ग्राम धतुरिया थाना सलसलाई पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस को बताया कि महिला द्वारा मुझ पर जो भी आरोप लगाया जा रहे हैं, वह सभी झूठे हैं। न तो मैंने महिला के साथ कोई दुष्कर्म किया है और न ही मेरे परिवार के लोगों ने महिला और उसके पति का मकान तोड़ा है। अर्जुन सिंह ने पुलिस को बताया कि जिस मकान को तोड़ने का आरोप उन पर लगाया जा रहे हैं, वास्तविकता में यह मकान उन्हीं का है, जिसे उन्होंने 17 जून 2013 को महिला के पति से खरीदा था।
इस मकान को खरीदने के दस्तावेज आज भी मेरे पास हैं। कुछ समय पहले पिता की मौत के बाद महिला और उसका पति गांव में आया था और इसी मकान में रह रहा था। 21 जून को भी महिला के पति ने खुद इस मकान का दरवाजा लात मार का तोड़ा और बाद में यहां रखा सारा सामान निकाल लिया। हमारा इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था। लेकिन फिर भी महिला ने जहां मुझ पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। वहीं, उसके पति ने सोनू पिता जगदीश सिंह पर ट्रैक्टर से इस मकान को तोड़ने और परिवार के अन्य सदस्यों पर नहाते समय वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो की गलत है।
एसपी, थाना प्रभारी सलसलाई और गुलाना चौकी प्रभारी को की थी शिकायत
अर्जुन सिंह ने बताया, उसे जब पता चला कि महिला और उसके पति द्वारा उस पर झूठे आरोप लगाया जा रहे है तो उसने तुरंत शाजापुर एसपी, सलसलाई के थाना प्रभारी और गुलाना पुलिस चौकी प्रभारी को एक आवेदन दिया था, जिसमे महिला द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए यह मांग की गई थी कि इस मामले में जो भी कार्रवाई की जाए, उसके पहले पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ली जाए।
पुलिस को यह भी बताया
बताया जाता है कि अर्जुन सिंह पुलिस को कुछ वीडियो की सीडी भी उपलब्ध करवाई है, जिसमें बने सिंह खुद अपने मकान को तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। उसने ट्रैक्टर से मकान तोड़ने का झूठा आरोप सोनू पिता जगदीश सिंह पर लगाया है। जबकि यदि इस मकान को सोनू तोड़ता तो ट्रैक्टर से मकान टूटने के कारण न तो घर में रखा सामान बच पाता और न ही मकान के ऊपर रखे चद्दर और दीवारों में लगी ईंट। जबकि सब सामान ठीक है, जिसे वीडियो में बने सिंह और उसके परिवार के लोग मकान से हटाते हुए भी दिख रहे हैं।
महिला ने लगाए थे यह गंभीर आरोप
पुलिस महानिरीक्षक संतोष कुमार सिंह के कार्यालय पर ग्राम धतुरिया में रहने वाली एक महिला न्याय की गुहार लेकर पहुंची थी, जिसने पुलिस महानिरीक्षक सिंह को बताया कि वह दुष्कर्म पीड़िता है। जिसके साथ 21 जून 2024 को गांव में ही रहने वाले अर्जुन पिता बापू सिंह राजपूत ने घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म करने के बाद मैं अपनी फरियाद लेकर थाने पर न जाऊं इसीलिए मुझे डराया गया धमकाया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इन दबंगों ने मेरे साथ ही मेरे पति को भी मारा पीटा और सोनू पिता जगदीश सिंह ने मेरे घर को ट्रैक्टर से तोड़ दिया।
घटना वाले दिन मुझ पर और मेरे पति पर अर्जुन सिंह और उसके परिवार के लोगों की नजर रही। लेकिन फिर भी जब हम थाना सलसलाई जाने लगे तो वीरेंद्र पिता सिद्धनाथ ने मुझे और मेरे पति को जान से मरने तक की धमकी दे डाली। उसका कहना था कि अगर थाने गए तो दोनों की गर्दन काट देंगे। इन लोगों से डरते डरते हम थाने पर पहुंचे थे, जहां भी हमारी फरियाद नहीं सुनी गई। मेरे दुष्कर्म पीड़िता होने के बावजूद भी मेरे फरियाद को नहीं सुना गया, जिससे मुझे और मेरे पति को सिर्फ आवेदन देकर थाने से आना पड़ा।
महिला ने बताया कि थाने पर आवेदन दिए लगभग एक सप्ताह हो चुका है। लेकिन अब तक उनकी फरियाद नहीं सुनी गई है। महिला ने पुलिस महानिरीक्षक से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले में दोषी अर्जुन पिता बापू सिंह राजपूत, सोनू पिता जगदीश सिंह, वीरेंद्र पिता सिद्धनाथ के साथ ही जगदीश पिता भगवान सिंह, जितेंद्र पिता अर्जुन सिंह, वीरेंद्र पिता भगवान सिंह के खिलाफ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।