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Ujjain: मोक्षदायिनी शिप्रा में तीन घंटे मिलता रहा नाले का पानी, श्रद्धालु बोले- इस पानी में हम कैसे नहाएं

Sun, 21 May 2023 06:38 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

शिप्रा तट रामघाट पर सुबह 10:30 बजे से रामानुजकोट के पास बना नाला अचानक ओवरफ्लो हो गया और यहां से गंदा पानी मां शिप्रा में आने लगा। शिकायतों के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे इसे रोका जा सका। 
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शिप्रा नदी में मिलता नाले का गंदा पानी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश सरकार मां शिप्रा को प्रवाहमान व साफ स्वच्छ रखने के नाम पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी है, लेकिन सच्चाई यह है कि इन रुपयों के खर्च होने के बावजूद भी मां शिप्रा अब तक प्रदूषित ही हैं। रविवार सुबह भी शिप्रा तट रामघाट पर सुबह 10:30 बजे से रामानुजकोट के पास बना नाला अचानक ओवरफ्लो हो गया और यहां से गंदा पानी मां शिप्रा में आने लगा। मां शिप्रा में गंदे नाले का पानी मिलने की सूचना तुरंत नगर निगम के जिम्मेदारों को पहुंचाई गई, लेकिन स्थिति यह थी कि तीन घंटे तक इस समस्या को सुलझाने के लिए घाट पर कोई नहीं पहुंचा था। रामानुजकोट से रामघाट तक यह गंदा पानी श्रद्धालुओं की आस्था को आहत कर रहा था जिससे मां शिप्रा में आस्था की  डुबकी लगाने पहुंचे श्रद्धालुओं का साफतौर पर कहना था कि हमें ऐसे गंदे पानी में नहीं नहाना है। ये वही घाट है, जहां सिंहस्थ में शाही स्नान होता है। 
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बता दें आगामी 30 मई 2023 को उज्जैन मे गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसको लेकर रामघाट पर अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। कल पंडे-पुजारियों ने मां शिप्रा का पूजन अर्चन कर इस पर्व की शुरुआत की थी। रविवार सुबह ही मंत्री मोहन यादव ने भी यहीं पूजन किया था, उनके जाने के कुछ समय बाद ही नाला का पानी उफनने लगा और नदी में मिलने लगा। रामानुजकोट के समीप से नाला ओवरफ्लो हुआ और गंदा बदबूदार पानी मां शिप्रा में मिलने लगा। पुजारियों और क्षेत्र में व्यवसाय करने वाले लोगों को लगा कि कुछ देर में यह समस्या दूर हो जाएगी, लेकिन जब तीन घंटे तक नाला ओवरफ्लो होता रहा और मां शिप्रा में दुर्गंध युक्त पानी मिला तो श्रद्धालुओं की आस्था आहत हो गई।

 
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करीब तीन घंटे तक बदबूदार पानी शिप्रा में मिलता रहा। - फोटो : सोशल मीडिया
शिप्रा नदी में स्नान करने पहुंचे गुजरात निवासी ब्रज ने बताया कि मां शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाने आया था लेकिन यहां जो नजारा देख रहा हूं उससे मेरी नहाने की इच्छा खत्म हो गई है। शिप्रा मां तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी ने बताया कि यह प्रशासन की लापरवाही है जिसकी ओर उन्हें ध्यान देना चाहिए। रविवार सुबह रामघाट पर ऐसा लग रहा था जैसे कि बाढ़ आ गई हो, दुर्गंध युक्त पानी के कारण श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। 

लाइन क्षतिग्रस्त होने से उफना पानी
नगर निगम के आयुक्त रोशन सिंह ने बताया कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से रूद्र सागर की ओर से आने वाली मुख्य सीवेज लाइन को रामानुजकोट के समीप स्थित लाइन से मिलाया जा रहा था। इस दौरान यहां लगी लाइन डैमेज हो गई। जानकारी मिलते ही मौके पर नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी भी पहुंच गए थे। कुछ डैमेज का सुधार कार्य किया जा रहा है।
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