नेताओं का पत्रकारों के सवालों पर नाराज होना, झल्ला जाना नई बात नहीं है। ऐसा ही कुछ उज्जैन में भी हुआ। यहां बुधवार (27 जनवरी) को कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान वे झल्ला उठे। दरअसल, पत्रकारों ने उनसे एक राजनीतिक सवाल पूछा, जिससे वह नाराज हो गए।
जानकारी के मुताबिक, पत्रकारों का सवाल नये कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर था। दिग्विजय सिंह ने सवाल पूछने वाले पत्रकार को यह कहकर चुप कर दिया कि तुम कांग्रेस में हो क्या? बता दें कि निजी कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद दिग्विजय सिंह और उनके बेटे राज्यवर्धन सिंह ने उज्जैन में महाकाल के दर्शन भी किए। वह महाकाल मंदिर में होने वाली भोग आरती में शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस के कई नेता भी उनके साथ मौजूद थे।
आरती में शामिल होने के बाद दिग्विजय सिंह मीडिया से रूबरू हुए। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में हुई हिंसा और आने वाले नगर निकाय चुनाव के मुद्दे पर बातचीत की। इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया। इस बीच जब उनसे नये कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के संबंध में सवाल पूछा गया तब वह अचानक झल्ला उठे और पत्रकार पर ही एक सवाल दाग दिया। उन्होंने पत्रकार से पूछा, ‘क्या तुम कांग्रेस में हो? यह हमारा मामला है। हम तय कर लेंगे।’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली और अन्य जगहों पर हुई हिंसा का जिम्मेदार केंद्र सरकार को बताया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के रूट बदलने से विवाद बढ़ा और वही हिंसा का कारण बना। 15 लोग, जो किसानों ने पकड़कर दिए हैं। उनका नाम उजागर होना चाहिए। उन सबके पास सरकारी आईडी मिली। यह हिंसा फैलाने के लिए षड्यंत्र था। उन्होंने कहा, ‘मीडिया से मेरी प्रार्थना है कि इन सबके बहकावे में ना आए।’
दिग्विजय ने उमा भारती और प्रज्ञा ठाकुर पर भी निशाना साधा। उनसे जब यह पूछा गया कि प्रदेश में भी अब कई शहरों और जगहों के नाम बदलने की बात हो रही है तो उन्होंने कहा कि नौ करोड़ लोगों की नौकरी चली गई। शहर और जगह के नाम बदलने से क्या होगा। उन्होंने निकाय चुनाव को लेकर कहा, ‘जब तक ईवीएम है तब तक भाजपा अहम और अहंकार में है। जिस दिन ईवीएम हट जाएगी उस दिन पता चल जाएगा कि जमीन किसके पास है। जनता किसके साथ है।’