गुराड़िया पित्रामल में गंदा पानी समस्या
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उज्जैन में खाचरोद तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव गुराड़िया पित्रामल जो की विकास के नाम से कोसो दूर है। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को मीडिया के समक्ष रखते हुए बताया कि गांव में पानी निकासी के लिए नालियों की व्यवस्था नहीं है, जिससे नालियों का पानी सड़कों पर आकर जमा हो जाता है। इससे निकलने वाले छोटे-छोटे बच्चों और लोगों को अच्छी खासी समस्या का सामना करना पड़ता है और तो और गांव से निकला पानी प्राइमरी स्कूल के पीछे इकट्ठा हो जाता है, जिससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे डेंगू और मलेरिया का शिकार हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि सरकार द्वारा मरने के बाद मिलने वाली सहयोग राशि में आज तक गांव में किसी को नहीं मिली है और न ही वृद्धा पेंशन योजना में किसी को मिलती है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के दो साल के कार्यकाल में कुछ भी काम गांव में नहीं हुआ है।
एक ही रूम में एक से लेकर पांच तक की क्लास
प्राइमरी स्कूल में एक ही कमरे में एक से पांच तक की क्लास संचालित हो रही है। इसकी जानकारी जब हमने लेनी चाही तो वहां की एक शिक्षिका का कहना था कि यहां टीचर की काफी कमी है। यहां दो टीचर हैं, अगर एक टीचर को तहसील किसी मीटिंग में जाना होता है तो एक ही रूम में एक से लेकर पांच तक की क्लास संचालित करनी पड़ती है। हमने जब बच्चों से बात की तो बच्चों का भी यही कहना था।
पंचायत भवन मे लटका मिला ताला
सभी समस्याओं की जानकारी पंचायत से जाननी चाही तो पंचायत भवन पर जाकर देखा गया तो पंचायत भवन के सामने ताला लटका हुआ पाया गया। ग्रामीण क्षेत्र की समस्या काफी गंभीर दिखाई देती प्रशासन को इस विषय पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करना चाहिए। स्कूल के पास बने जिस गड्ढे में पानी का भराव हो रहा है, उसे जल्द मिट्टी भरवाकर बंद कर दिया जाएगा, जिससे कि इस समस्या का निदान जल्द से जल्द हो सके। स्कूल भवन के लिए हमने पंचायत के माध्यम से मांग की है। लेकिन शिक्षा विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी जल्द निदान किया जाएगा।
राजकुमार सिंह पंवार, सरपंच गुराडिया पित्रामल