मध्यप्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय मध्यप्रदेश द्वारा महाकवि कालिदास की रचनाओं के प्रति विद्यार्थियों और जनसामान्य की रुचि जागृत करने के उद्देश्य से पं. सूर्य नारायण संकूल हॉल, कालिदास संस्कृत अकादमी, उज्जैन में 23वें राज्य स्तरीय शालेय कालिदास समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह के दौरान प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा और योजना अधिकारी श्रीमती संगीता श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया।
प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न संभागों के कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के प्रतिभागियों द्वारा महाकवि कालिदास के साहित्य पर आधारित नृत्य नाटिकाओं की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी गई, जिससे उपस्थित दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। प्रस्तुतियों में लाइट एंड साउंड इफेक्ट का शानदार समावेश किया गया।
नृत्य नाटिका प्रतियोगिता में प्रदेश के भोपाल, नर्मदापुराम, सागर, शहडोल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा के वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग के प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा कालिदास के साहित्य, जैसे अभिज्ञान शाकुंतलम, मेघदूतम्, कुमारसंभवम् और ऋतुसंहारम् आदि काव्य पर आधारित नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुति दी गई।
नृत्य नाटिकाओं के निर्णायक पंकज आचार्य, जगरूप सिंह चौहान और सुश्री जयति मालवीय थे। वरिष्ठ और कनिष्ठ वर्ग की नृत्य नाटिका प्रतियोगिताओं का संचालन डॉ. मनोज द्विवेदी, डॉ. काकुल सक्सेना और सुभाष कुमावत ने किया। समारोह के दौरान चित्रांकन प्रतियोगिता में कालिदास के साहित्य पर आधारित कनिष्ठ और वरिष्ठ वर्ग के चित्र सम्मिलित किए गए, जिनकी प्रदर्शनी पं. सूर्य नारायण संकूल हॉल, कालिदास संस्कृत अकादमी में प्रदर्शित की गई।
नृत्य नाटिकाओं की प्रतियोगिता का अवलोकन कलेक्टर उज्जैन नीरज कुमार सिंह, संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग उज्जैन रमा नाहटे, जिला शिक्षा अधिकारी आनंद शर्मा, योजना अधिकारी श्रीमती संगीता चौहान आदि ने किया। चित्रांकन प्रतियोगिता के निर्णायक चंदन यादव, उमेश चौहान और कुलदीप दुबे थे। श्लोक पाठ प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. सदानंद त्रिपाठी, डॉ. महेन्द्र पंड्या और डॉ. पूजा उपाध्याय थे।
संगीता श्रीवास्तव, अमितोज भार्गव और संजय लालवानी द्वारा निर्णायकों को स्मृति चिन्ह, उत्तरीय वस्त्र और माला से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं के दौरान प्रदेश के विभिन्न संभागों के प्रतिभागी, मार्गदर्शक शिक्षक और उज्जैन शहर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक, पालकगण एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।