उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र में होटल चलाने वाली महिला ने अपने यहां बावर्ची की नौकरी करने वाले युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। युवक ने महिला को शादी का झांसा दिया और होटल में ही उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। जब महिला ने उससे शादी करने की बात कही तो वह भाग गया।
पुलिस ने बताया, कहारवाड़ी हरसिद्धि मार्ग पर रेस्टोरेंट संचालित करने वाली 40 वर्षीय महिला ने 25 अगस्त को पटेलपुरा चिकली (धार) में रहने वाले कैलाश पिता गोविंद को होटल में बावर्ची की नौकरी पर रखा था। वह होटल में ही रहता था। कैलाश ने मौका पाकर मालकिन को प्रपोज किया। कुछ दिन बाद उसने मंदिर में शादी करने की बात भी कही। महिला उसके झांसे में आ गई। 26 अक्तूबर को शेफ ने उसकी अस्मत लूट ली। दो दिसंबर तक शेफ झांसा देकर ज्यादती करता रहा। जब महिला ने उस पर शादी कर लेने का दबाव बनाया तो इनकार कर दिया। झांसे में आकर अस्मत लुटा बैठी महिला अपने परिजनों के साथ थाने पहुंची और कैलाश के खिलाफ केस दर्ज कराया।
अब तक पुलिस गिरफ्त से दूर दुष्कर्म का मुख्य आरोपी
चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र की नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। चिमनगंज पुलिस टीम ने मक्सी सहित अन्य जगहों पर उसकी तलाश में दबिश दी। लेकिन कुछ पता नहीं चल सका है। दो आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं, जिन्हें जेल भेज दिया गया है।
दरअसल, मक्सी का रहने वाला समीर और अहमद नगर के रहने वाले शाहिद और साहिल नगरकोट क्षेत्र में रहने वाली 16 साल की नाबालिग को देवास घुमाने के बहाने 28 नवंबर को अपने साथ ले गए थे। जहां कार में तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद 29 नवंबर की शाम उसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के पास छोड़ दिया था।
मामले में नाबालिग के परिजनों ने चिमनगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी जिसके बाद पुलिस हरकत में आई थी और शाहिद व साहिल को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। चिमनगंज पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी समीर अब भी फरार है जिसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। चिमनगंज पुलिस ने बताया कि युवती को पहले वन स्टॉप सेंटर भेजा गया था। बयान देने के बाद उसने घर जाने की बात कही थी। इसके बाद मेडिकल करवाकर उसे परिजनों के सुपूर्द कर दिया है।