चिमनगंज थाना क्षेत्र में चौकीदारी करने वाले एक युवक ने जल्द अमीर बनने की चाहत में किराने की दुकान चलाने वाले अपने साथी के संग मिलकर नकली नोट छापना और उन्हें बाजार में चलाना शुरू कर दिया। बाजार में रुपए चलाने के दौरान एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद उसके साथी को भी गिरफ्तार किया।
चिमनगंज थाना पुलिस ने बताया कि पटेल नगर क्षेत्र में एक दुकान पर नागझिरी निवासी भेरूसिंह पिता मांगीलाल सोलंकी 100 रुपए का नोट लेकर सामान खरीदने पहुंचा था। व्यापारी को नोट नकली होने की आशंका हुई तो उसने चिमनगंज थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम तत्काल पहुंची और थाना क्षेत्र से भेरूसिंह सोलंकी को हिरासत में लिया। भेरूसिंह नागझिरी क्षेत्र में ही चौकीदारी का काम करता है। इस काम में साथ देने वाले रामनरेश चौहान को भी गिरफ्तार किया।
रामनरेश कानीपुरा क्षेत्र में ही किराने की दुकान चलाता है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने माधवनगर क्षेत्र स्थित एक दुकान से कलर प्रिंटर खरीदा था। उन्होंने ए-4 साइज के सादे कागज पर 100 रुपए के नोट छापना शुरू कर दिए। एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के कब्जे से कलर प्रिंटर से छापे गए 11 हजार रुपए के नकली नोट और सादे कागज का आधा पैकेट बरामद किया है। दोनों को न्यायालय ने एक दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा गया है।
पुलिस इनसे अब तक छापे गए नकली नोट के बारे में अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही है। आरोपियों ने 100 रुपए के एक नोट को स्कैन कर उसकी कलर इमेज तैयार की थी। जिसे प्रिंटर की मदद से सादे ए-4 साइज के कागज पर प्रिंट कर रहे थे। आरोपी एक ही सीरियल नंबर के नोट छाप रहे थे।