वैसे तो महाकाल मंदिर में हमारे काम का समय सुबह 6 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक है, लेकिन हमें मंदिर में काम करने के लिए सुबह 5:30 बजे बुलाया जाता है। जब हम थंब मशीन से अपनी आने की एंट्री करवाते हैं, तब तक हमसे पत्रक छीन लिया जाता है। हम बड़ी मजबूरी के कारण यह ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन हमें क्रिस्टल कंपनी के एसओ विष्णु चौहान, सुरक्षा प्रभारी हेमलता पाटीदार मेडम, संजय सिसोदिया और भगवान सिंह हमारी कोई भी समस्या नहीं सुनना चाहते। जब हम इन्हें कोई शिकायत करते हैं, तो यह लोग हमें कूड़ा-कचरा कहकर नौकरी से बाहर निकालने की बात करते हैं। हमें समय पर पूरी सैलरी भी नहीं मिलती। हमारी सैलरी 8400 है, लेकिन जब महीने के अंत में सैलरी मिलती है, तो वह 5 से 6000 के बीच रहती है। अगर, हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता तो हम कुछ भी गलत कदम उठा सकते हैं। यह बात महाकालेश्वर मंदिर में तैनात निजी महिला सुरक्षाकर्मियों ने महाकाल लोक में किए गए प्रदर्शन के दौरान मीडियाकर्मियों से कहीं।
सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्टर से की शिकायत
सुरक्षा कर्मचारियों ने इस मामले की कलेक्टर नीरज कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा से शिकायत की है। कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह को लगभग आधा दर्जन से अधिक शिकायतें दी गई हैं, जिसमें सुरक्षाकर्मियों ने यह आरोप लगाया कि क्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेज लिमिटेड के एसओ विष्णु चौहान, सुरक्षा प्रभारी हेमलता पाटीदार, संजय सिसोदिया, भगवान सिंह के द्वारा उन्हें काफी परेशान किया जाता है। ये लोग सुरक्षाकर्मियों से अभद्रता से बात करते हैं। कोई भी सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर लेट पहुंचना नहीं चाहता, लेकिन ड्यूटी पर समय पर पहुंचने के बावजूद उन्हें गैर हाजिर कर दिया जाता है। इसके अलावा उन्हें बायोमैट्रिक मशीन में थंब नहीं करने दिया जाता और न ही रजिस्टर में साइन करने दिया जाता है। जब वेतन आता है, तो उनके पैसे काटकर दिए जाते हैं, कुछ कहने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
कुछ सुरक्षाकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनका हर महीने तय वेतन 8400 है, लेकिन उन्हें तय वेतन से 2500 तक काट दिया जाता है। पिछले दो महीनों से तो उन्हें सैलरी ही नहीं दी गई है। इसके अलावा उन्हें वरिष्ठ अधिकारी 'कूड़ा-कचरा' कहकर अपमानित करते हैं। कर्मचारियों ने कलेक्टर से अपना दर्द बताते हुए कहा कि साहब, यह अत्याचार अब असहनीय हो गया है। यदि यह प्रताड़ना और आर्थिक शोषण बंद नहीं हुआ, तो हम मजबूर होकर गलत कदम उठा लेंगे।
कार्रवाई की मांग
सुरक्षाकर्मियों ने अभद्रता और मानसिक रूप से परेशान किए जाने को लेकर कलेक्टर और एसपी को शिकायत की है। शिकायत के दौरान मंदिर के सुरक्षाकर्मी दीपक मालवीय, रोहित चौहान, माखन पवार, अजय सिंह, अनिल भाटी, ललित जायसवाल, ज्योति परमार, चेतना सोलंकी, पूजा चौहान, सोनू प्रजापत, रितेश यादव, पूजा बेस, माया बाथम, शुभम पाटीदार, प्रीति मालवीय, सुनीता प्रजापत, वर्षा चौहान, अर्जुन यादव, शांतिलाल मालवीय आदि ने कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब कर्मचारियों ने वेतन और शोषण के मुद्दे को उठाया है। इससे पहले भी सुरक्षा कर्मचारियों ने वेतन में देरी और अभद्र व्यवहार के विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकाला गया था। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर प्रदर्शन को खत्म करवा दिया गया था। मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।
मामले की जांच की जाएगी
कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात निजी सुरक्षा कंपनी की महिला कर्मियों ने आवेदन दिया है। महिलाओं ने निजी सुरक्षा एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन के आधार पर इस मामले की जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट में जो भी स्पष्ट होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।