आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 22 सितंबर सोमवार को नवरात्रि का आरंभ शुभ संयोग में हो रहा है। सूर्योदय से ही प्रतिपदा तिथि व्याप्त रहेगी। साथ ही उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के पश्चात हस्त नक्षत्र का संयोग और शुक्ल योग इस दिन को और भी खास बना रहा है।
ज्योतिषाचार्य पं. चंदन श्यामणारायण व्यास ने बताया कि राहु काल का त्याग करके ही घट स्थापना करें। प्रातः 7.46 से 9.17 तक राहु काल रहेगा। दुर्गा पूजा अनुष्ठान के लिए कलश स्थापना एवं अखंड ज्योत शुभ मुहूर्त में खड़ी करनी चाहिए। शुभ मुहूर्त में की गई घट स्थापना निश्चित ही कल्याणकारी होती है। पं. चंदन व्यास ने बताया कि घट स्थापना एवं अखंड ज्योत लगाने के शुभ मुहूर्त में प्रातः 6.15 से 07.46 अमृत, प्रातः 9.17 से 10.48 शुभ, दोपहर 1.50 से 03.21 चर, दोपहर 3.32 से 04.52 लाभ, दोपहर 04.53 से 06.23 अमृत, सायं 06.24 से 07.52 चर रहेगा। इसके अतिरिक्त अपनी कुल परंपरा और लोक रीति के साथ पूजन करें। पं. व्यास ने बताया कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का महापर्व 22 सितंबर सोमवार से एक अक्तूबर बुधवार तक दस दिन का रहेगा। दो अक्तूबर 2025 गुरुवार को विजय दशमी दशहरा महापर्व रहेगा। नवरात्रि में इस वर्ष एक तिथि की वृद्धि हुई है जो शुभ माना गया है।
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नौ दिन तक क्या रहेगा खास जानिए
पहला दिन - मां शैलपुत्री
नवरात्रि का पहला दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है। माता शैलपुत्री को हिमालय राज की पुत्री के रूप में भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन नारंगी रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का प्रतिक है। इस रंग को धारण करने से सकारात्मकता आती है।
दूसरा दिन - मां ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग को सादगी, शांति और पवित्रता का प्रतिक माना जाता है।
तीसरा दिन - मां चंद्रघंटा
तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता को लाल रंग बहुत प्रिय है, इसलिए इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। लाल रंग प्रेम, ऊर्जा, भक्ति और नारी शक्ति को दर्शाता है।
चौथा दिन - मां कुष्मांडा
नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा की पूजा की जाती है। इस दिन रॉयल ब्लू रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है। ये रंग शक्ति, समृद्धि, आत्मविश्वास और गहराई का प्रतिक है।
पांचवां दिन - मां स्कंदमाता
नवरात्रि का पांचवा दिन मां स्कंदमाता को समर्पित होता है। इस दिन पीले रंग का वस्त्र पहनना शुभ होता है। ये रंग खुशहाली, उत्साह और आशा का प्रतिक है। इसे पहनने से जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।
छठा दिन - मां कात्यायनी
मां कात्यायनी, दुर्गा माता का छठा रूप है। नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस दिन हरे रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। ये रंग उन्नति, सद्भाव और नई शुरुआत का प्रतिक है।
सातवां दिन - मां कालरात्रि
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन स्लेटी रंग पहनना शुभ माना जाता है। ये रंग जीवन में धैर्य बढ़ाता है और मन को संयमित रखता है।
आठवां दिन - मां महागौरी
आठवां दिन मां महागौरी को समर्पित होता है। इस दिन बैंगनी रंग के वस्त्र पहनने चाहिए। ये रंग गरिमा, भक्ति, आध्यात्मिक और शान का प्रतिक है।
नौवां दिन - मां सिद्धिदात्री
नवरात्रि का आखिरी और नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है। इस दिन गहरा हरा रंग पहनना शुभ होता है। ये रंग करुणा, शुभता और समृद्धि का प्रतिक माना जाता है।