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Ujjain News: सीएम के निर्णय की साधु-संतों ने की सराहना, स्थायी आश्रम निर्माण पर कहा- यह निर्णय विकासोन्मुखी

Thu, 24 Oct 2024 09:04 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
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मुख्यमंत्री के निर्णय की साधु-संतों ने की सराहना, स्थायी आश्रम निर्माण पर कहा - यह निर्णय विकास
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राज्य शासन ने वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले वैश्विक सिंहस्थ की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। उज्जैन की पहचान हमेशा से ही साधु-संतों के आस्था स्थल के रूप में रही है। साधु-संतों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा स्थायी आश्रम निर्माण की घोषणा को पूरे देश के साधु-संतों, महंतों, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वरों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सराहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस प्रकार हरिद्वार में साधु-संतों के लिए अच्छे आश्रम बने हुए हैं, उसी तरह उज्जैन में भी साधु-संतों के लिए स्थायी आश्रम निर्माण के प्रयास किए जाएंगे। उज्जैन विकास प्राधिकरण इस योजना को आकार देगा, और आश्रमों के निर्माण के साथ-साथ सभी मूलभूत सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाएगा। समाज के इच्छुक सनातन धर्मावलंबियों के सहयोग से अन्न क्षेत्र, धर्मशाला, चिकित्सा केंद्र, आयुर्वेद केंद्र जैसी सार्वजनिक गतिविधियों को प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस महत्वपूर्ण पहल का उज्जैन से लेकर हरिद्वार तक के संत समाज ने स्वागत किया है।

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संत समाज की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, मां मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार के अध्यक्ष और पंचायती निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रविंद्र पुरी महाराज ने मुख्यमंत्री के निर्णय को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उज्जैन में साधु-संतों, महंतों, अखाड़ा प्रमुखों और महामंडलेश्वरों के लिए स्थायी आश्रम निर्माण की अनुमति दी जाना अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री की संतों के प्रति इस संवेदनशीलता के लिए साधुवाद भी दिया।

साधु-संतों में उल्लास
पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 आनंद श्री विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने कहा कि साधु-संतों में इस निर्णय को लेकर बहुत खुशी है। सिंहस्थ क्षेत्र में संतों के लिए स्थायी निर्माण होने से हरिद्वार जैसा विकास उज्जैन में भी संभव हो सकेगा।

राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में साधु-संतों के लिए स्थायी आश्रम निर्माण का निर्णय ऐतिहासिक है। इससे 2028 के कुंभ में साधु-महात्मा तंबुओं में न रहकर पक्के आश्रमों में रहेंगे। मुख्यमंत्री के संकल्प अनुसार, प्रत्येक अखाड़े के लिए एक हेक्टेयर भूमि दी जाएगी, जिसमें 25% भूमि पर आश्रम का निर्माण होगा और शेष भूमि अन्य सुविधाओं के लिए खुली रहेगी।

महंत रामेश्वर गिरी महाराज, पीर रामनाथ महाराज और महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज सहित अन्य प्रमुख संतों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत किया है।

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मुख्यमंत्री के निर्णय की साधु-संतों ने की सराहना, स्थायी आश्रम निर्माण पर कहा - यह निर्णय विकास

 

मुख्यमंत्री के निर्णय की साधु-संतों ने की सराहना, स्थायी आश्रम निर्माण पर कहा - यह निर्णय विकास

 

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