अधिकारियों ने सम्मान किया तो संत हो गए खुश
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धार्मिक नगरी उज्जैन में आने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर क्या निर्माण कार्य किया जा रहा है।इसके बारे में साधु-संतों को अवगत करवाने के लिए सिंहस्थ कार्यालय पर एक प्रेजेंटेशन रखा गया था, जिसमें स्थानीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के साथ ही अन्य साधु-संतों को आमंत्रित किया गया था। प्रशासन के बुलावे पर साधु संत यहां पहुंचे थे। लेकिन जब वे सिंहस्थ कार्यालय में पहुंचे तो प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए सम्मान से खुश हो गए और अधिकारियों को अच्छा कार्य करने पर उनकी सराहना करते दिखाई दिए।
सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए तैयार की गई आध्यात्मिक नगरी योजना का प्रेजेंटेशन उज्जैन के 13 अखाड़ों के साधु संतों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मंगलवार शाम सिंहस्थ मेला कार्यालय में मेला क्षेत्र के लिए प्रस्तावित की गई कार्य योजना और स्थाई प्रकृति के निर्माण कि योजना से साधु संतों को पावर प्रजेंटेशन के जरिए अवलोकन कराया गया। इसके पूर्व संभागायुक्त संजय गुप्ता, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ जयती सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने सातों संतों का शाल श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। प्रेजेंटेशन उपरांत साधु संतों ने आध्यात्मिक नगरी की योजना को सराहा और कहा कि स्थाई निर्माण कार्य होने से साधु संतों के साथ ही आम श्रद्धालुओं को भी काफी सुविधा मिलेगी एवं सरकार को भी अस्थाई निर्माण के लिए बार-बार राशि खर्च नहीं करना पड़ेगी।
यह संत रहे मौजूद
प्रेजेंटेशन दौरान अखाडा परिषद उज्जैन के अध्यक्ष महंत डॉ. रामेश्वर दास जी कोषाध्यक्ष महंत भगवान दास जी, महंत सेवागिरी महाराज, महंत प्रेम गिरि महाराज, महंत देवगिरी महाराज, महंत रामचंद्र दास जी, महंत दिग्विजय दास जी, महंत राजीव लोचन दास जी, महेंद्र महेश दास जी महाराज सहित सभी अखाड़ों के साधु संत मौजूद रहे।
संत हो गए खुश
अधिकारियों ने सम्मान किया तो संत हो गए खुश
सम्मान किया तो संत हो गए खुश