उज्जैन में सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन
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उज्जैन में दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने मजार-ए-नजमी में 40वें अल-दाई अल-मुतलक सैयदना हेबतुल्ला अल-मोय्यद की बरसी के दौरान शनिवार को कमरी मार्ग कादरी मस्जिद मजारे नजमी में धर्मोपदेश दिया। इस दौरान सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने सैयदना हेबतुल्ला अल-मोय्यद के महान गुणों को बताया।
सैफुद्दीन ने कहा, कैसे हेबतुल्ला अल-मोय्यद ने बड़े पैमाने पर समुदाय और समाज की भलाई के लिए अथक प्रयास किया। सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन ने भी उज्जैन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए इसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैसे शिप्रा नदी, जो शहर से होकर बहती है, उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक प्रतीकात्मक विभाजक के रूप में कार्य करती है। उन्होंने पूरे इतिहास में व्यापार और वाणिज्य के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उज्जैन की भूमिका का उल्लेख किया।
इस दौरान कादरी मस्जिद परिसर और शहर के अन्य सामुदायिक केंद्रों में एकत्र हुए 30,000 से अधिक समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए सैयदना ने उन्हें सर्वोत्तम विशेषताओं को विकसित करने, विशेष रूप से गलत काम से दूर रहने और मानवता की सेवा जारी रखने की सलाह दी। याद रहे कि उज्जैन में दाऊदी बोहरा समुदाय एक जीवंत और सक्रिय समुदाय है। जो अपनी परंपराओं के प्रति सच्चे रहते हुए आधुनिकता को अपनाने के लिए समर्पित हैं।
10,000 से अधिक समुदाय के सदस्य उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे कामरी मार्ग, नयापुरा, तैयबपुरा, नमकमंडी और नागरची में रहते हैं। शहर का समुदाय अपनी मजबूत उद्यमशीलता की भावना और हार्डवेयर, निर्माण सामग्री, फोम, आईटी और संबद्ध सेवाओं में सफल व्यवसायों के लिए जाना जाता है।