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वाकणकर ब्रिज: 'न लागत बढ़ी न लंबाई, स्वीकृत एलाइनमेंट पर काम जारी', 35 डिग्री घुमाने के आरोप पर बोले EE पंत

Sun, 12 Jul 2026 07:18 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

वाकणकर ब्रिज के नए पुल को तिरछा बनाकर रसूखदारों की जमीन बचाने के आरोपों पर सेतु निगम के ईई पीएस पंत ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि पुल 2025 में स्वीकृत एलाइनमेंट के अनुसार बन रहा है। लागत, लंबाई या डिजाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ और तकनीकी कारणों से समानांतर पुल नहीं बनाया गया। 
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वाकणकर ब्रिज को 35 डिग्री घुमाने का मामला
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विस्तार
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वाकणकर ब्रिज के पास बन रहे नए पुल को 35 डिग्री तक तिरछा करने और रसूखदारों की जमीन बचाने के आरोपों पर सेतु निगम के EE पीएस पंत ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण 2025 में स्वीकृत एलाइनमेंट के अनुसार ही किया जा रहा है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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EE पीएस पंत ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा जहां कार्य स्वीकृत हुआ था वही कार्य किया जा रहा है। इसमें 35 डिग्री जैसी कोई बात नहीं है। यह कार्य वर्ष 2025 में ही स्वीकृत हो गया था। पुल को लेकर जो भी बातें कही जा रही हैं वह सत्य नहीं, मनगढ़ंत हैं। उन्होंने बताया कि इस पुल को शुरुआत से ही हरिफाटक चौराहे पर मिलाया जाना था। कारण यह है कि सिंहस्थ की दृष्टि से यहां एक बड़े जंक्शन का निर्माण किया जा रहा है। इस चौराहे पर PWD रोड, ROB, अंडरपास और इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन भी जुड़ेगा। इसी वजह से पुल को इसी स्थान पर लाया जा रहा है।
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किसी रसूखदार की जमीन नहीं आ रही
पंत ने कहा पुल के एलाइनमेंट में किसी भी रसूखदार की कोई जमीन नहीं आ रही है। जो कार्य 2025 से स्वीकृत है उसी के तहत कार्य किया जा रहा है। हमने पुल निर्माण के दौरान कोई संशोधन नहीं किया है। स्मार्ट पार्किंग वाली बात पर उन्होंने कहा कि यह निर्माण कार्य सभी वरिष्ठ अधिकारियों की राय-मशविरे से किया जा रहा है और ब्रिज स्वीकृत एलाइनमेंट पर ही काम चल रहा है।

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समानांतर पुल क्यों नहीं बनाया...? टेक्निकल वजह बताई
वाकणकर ब्रिज के पास समानांतर पुल न बनाने के पीछे EE पंत ने टेक्निकल कारण बताया। उन्होंने कहा कि अगर दोनों ब्रिज पास में बनाते तो यहां ब्लैक स्पॉट बन जाता। इंदौर की ओर से तेज गति से आने वाले वाहन और चौराहे पर जाने वाले अन्य वाहनों की आए दिन दुर्घटनाएं होतीं। इसी को ध्यान में रखकर इस ब्रिज को समानांतर बनाने की बजाय पार्किंग की ओर बनाया गया है, जो तकनीकी रूप से पूरी तरह सही है।
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लागत और लंबाई में कोई अंतर नहीं
पुल की लागत और लंबाई बढ़ने के दावों पर भी पंत ने कहा कि पुल के निर्माण के लिए ना तो कोई 100 मीटर की लंबाई बढ़ाई गई है और ना ही इसकी लागत में कोई अंतर आया है। यह पुल पहले भी 240 मीटर का बन रहा था और अभी भी इतना ही है।

प्रोजेक्ट की डिटेल
• कुल लागत - 64.99 करोड़ रुपये
• पुल की लागत - 16.7 करोड़ रुपये
• टेंडर - 14.65 करोड़ रुपये
• पुल की लंबाई - 240 मीटर
• चौड़ाई - 12 मीटर

जानिए क्या है मामला..?
शहर में चर्चा है कि इस पुल को बनाने वाले अफसरों ने कुछ रसूखदारों की जमीन बचाने के लिए ब्रिज को 35 डिग्री तक तिरछा कर दिया है। आरोप है कि नियमों के अनुसार इसे पुराने पुल के समानांतर बनना था, लेकिन एक हिस्सा करीब 100 मीटर दूर बना दिया गया। इससे सरकार पर 1 से 1.5 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

निर्माणाधीन वाकणकर ब्रिज 

 

EE पीएस पंत

 

निर्माणाधीन वाकणकर ब्रिज 

 

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