चुनावी सीजन चल रहा है और कई लोग ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हमारे एक वोट से क्या फर्क पड़ेगा। अगर आप भी ये सोचते हैं कि एक वोट से क्या फर्क पड़ेगा तो ये खबर पढ़ना जरूरी है। एक वोट की कीमत क्या होती है यह उन प्रत्याशियों से समझिये जिनको चुनाव में बराबर वोट मिले। न कोई जीता न कोई हारा, मुकाबला टाई हो गया। हालात ऐसे हैं कि दोनों ही प्रत्याशी न खुशी मना पा रहे न दुख जता पा रहे। एक वोट ने दोनों की सरपंची की हसरत को रोक दिया।
मामला मप्र के उज्जैन जिले की सिकंदरी ग्राम पंचायत का है। यह पंचायत अजजा पुरुष के लिए आरक्षित हुई थी। सरपंच पद के लिए यहां इस वर्ग के पांच उम्मीदवार मैदान में थे। गोठड़ा, सिकंदरी, जीवनखेड़ी को मिलाकर कुल 1047 मतदाता हैं। शनिवार को यहां मतदान हुआ था। इसमें सरपंच पद के उम्मीदवार संतोष और पदम को 252-252 वोट मिले। ऐसी स्थिति होने से दो से तीन बार मतगणना की गई लेकिन नतीजा यही रहा। अब यह हुआ है इस पंचायत में न कोई जीता और न हारा। मुकाबला टाई हो गया। चुनाव अधिकारी ने एसडीएम को इसकी जानकारी दी। अब 14 जुलाई को लॉटरी से तय होगा कि कौन पंचायत का मुखिया रहेगा। पंचायत में यह स्थिति बनने के बाद चर्चा शुरू हुई कि एक वोट की कीमत क्या होती है। सवाल उन लोगों पर भी उठा जिन्होंने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। यदि सभी मतदाता मताधिकार का प्रयोग करते तो यह स्थिति नहीं बनती।