उज्जैन उत्तर सीट ऐसी 22 सीटों में शामिल है, जहां मुस्लिम मतदाता बड़ा उलटफेर कर सकते हैं क्योंकि यहां मुस्लिम मतदाता करीब 18 प्रतिशत हैं। ऐसे में यदि यह एक तरफ किसी प्रत्याशी के पक्ष में गिरे तो परिणाम कुछ भी हो सकते हैं। हालांकि पूर्व के चुनाव में ऐसा अभी तक नहीं हो पाया है।
उज्जैन उत्तर में वोटरों की संख्या कुल 2 लाख 28 हजार से अधिक है। इनमें से सबसे अधिक 18 प्रतिशत मुस्लिम वोट हैं, जो बड़ा उलटफेर कर सकते हैं। प्रदेश की 22 ऐसी सीट हैं, जहां 20 से लेकर 36 प्रतिशत तक मुस्लिम मतदाता वोटर के रूप में हैं। उनमें उज्जैन उत्तर भी शामिल है। वहीं दूसरी बड़ी संख्या वोटरों की उज्जैन उत्तर में ब्राह्मण वोटरों की है और तीसरे नंबर पर माली समाज तथा अन्य समाज आते हैं।
मुस्लिम समाज के दो निर्दलीय उम्मीदवार उतरे हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी की तरफ से जैन समाज के अनिल जैन कालूहेड़ा मैदान में हैं और कांग्रेस की ओर से ब्राह्मण समाज की माया त्रिवेदी मैदान में हैं। अब तक इस उज्जैन उत्तर सीट का इतिहास यह है कि उज्जैन उत्तर की सीट आजादी के बाद सबसे अधिक जैन समाज के पास रही है। इनमें चाहे कांग्रेस के राजेंद्र जैन हों चाहे भाजपा के पारस जैन। राजेंद्र जैन यहां विधायक रहे और मंत्री भी बने, उनके पहले यहां बाबूलाल जैन भी एक बार विधायक बन चुके हैं और वर्तमान विधायक पारस जैन 1989 से लेकर 1998 को छोड़कर बाकी छह चुनाव जीते हैं। ऐसे में यह उज्जैन उत्तर की सीट भाजपा का गढ़ बन चुकी है और आजादी के बाद यहां जैन समाज के लोग लगातार जीतते आ रहे हैं। वहीं सामाजिक समीकरण को देखते हुए भाजपा ने उज्जैन उत्तर पर फिर जैन समाज के प्रत्याशी को मौका दिया है वहीं कांग्रेस ने ब्राह्मण समाज की माया त्रिवेदी को मौका दिया है। अब मुस्लिम वोट और ब्राह्मण वोट किस ओर जाते हैं इससे ही इस सीट का फैसला होगा।