प्रयागराज में आयोजित धर्मसभा में महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरी महाराज ने हिंदू मंदिरों के सरकारी नियंत्रण के खिलाफ बात की। उन्होंने कहा कि चर्च, मस्जिद और गुरुद्वारों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है, तो हिंदू मंदिरों पर भी यह नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान महाकुंभ 2025 की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई और महाकुंभ नगर में अर्जी वाले 81 फीट ऊंचे हनुमानजी की प्रतिमा के लिए उज्जैन में कैंप आयोजित किया गया।
सभा में देश-विदेश से आए साधु-संतों ने सनातन बोर्ड के गठन का निर्णय लिया। यह बोर्ड हिंदू धर्म के मठ-मंदिरों के संरक्षण का कार्य करेगा और सरकार के नियंत्रण से मंदिरों को मुक्त करने का प्रयास करेगा। महाकुंभ के दौरान 27 जनवरी 2025 को धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें धर्म और समाज से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, 20 जनवरी से 2 फरवरी 2025 तक पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के वरिष्ठ महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंद पुरीजी महाराज के सानिध्य में महामृत्युंजय महायज्ञ का आयोजन भी होगा। धर्मसभा में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी महाराज, महंत ओंकार गिरी महाराज, गुरु मां आनंदमयी और सैकड़ों संत-महंत उपस्थित थे। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश युवजन सभा के प्रदेश सचिव प्रिंस प्रेम यादव, जितेंद्र यादव, विजय नारायण पांडे और अन्य गणमान्य नागरिक भी शामिल हुए।
महाकुंभ के दौरान तीर्थयात्रियों और धर्मार्लुओं के लिए महामृत्युंजय महायज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, श्री शिव महापुराण कथा, महारुद्राभिषेक और गरीबों को कंबल वितरण जैसे सेवा कार्य भी स्वामी प्रेमानंद पुरीजी महाराज के सानिध्य में होंगे। इस आयोजन से सनातन धर्म की गहराई और संस्कृति को संरक्षित एवं प्रचारित करने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जाएगा।