वैसे तो कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी देवउठनी ग्यारस पर छोटी दीपावली का उत्सव आज देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में आज बाबा महाकाल प्रतिदिन होने वाली पांच आरतियों में अलग-अलग स्वरूपों में श्रृंगारित हुए, कभी उन्होंने श्री कृष्ण तो कभी जटाधारी, कभी निराकार तो कभी वैष्णव तिलक लगाकर अपने भक्तों को दर्शन दिए।
सुबह 4 बजे भस्म आरती में हुआ श्रृंगार
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती के दौरान आज बाबा महाकाल भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप में श्रृंगारित हुए थे। इस दौरान बाबा महाकाल ने वैष्णव तिलक लगाया आभूषणों से सजे और आंवले की माला भी पहनकर भक्तों को दर्शन दिए।
सुबह 7:30 दत्योदक आरती श्रृंगार
इस आरती के बाद सुबह 7:30 बजे दत्योदक आरती की गई। इस आरती में बाबा महाकाल का स्वरूप कुछ निराला था जिसमें बाबा महाकाल जटाधारी स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने के लिए श्रृंगारित हुए। सुबह 10:30 बजे हुई भोग आरती में बाबा महाकाल के शिवलिंग को पूजन सामग्री से श्रृंगारित करने के साथ ही वैष्णव तिलक लगाया गया।
सुबह 10:30 बजे भोग आरती में हुआ श्रृंगार
बाबा महाकाल के इन तीन स्वरूपों के दर्शन करने के बाद दिनभर श्रद्धालुओं ने भगवान के शिवलिंग के दर्शन किए इसके बाद शाम को 5 बजे बाबा महाकाल के निराकार स्वरूप की आरती की गई और शाम 7:30 बजे होने वाली सांध्य आरती में बाबा महाकाल भांग, चंदन, ड्राई फ्रूट, चंद्र और वैष्णव तिलक लगाकर श्रृंगारित हुए इस दौरान बाबा महाकाल को रजत मुकुट पहनाने के साथ ही मुंडमाला भी पहनाई गई।
शाम को होने वाली पूजन आरती में बाबा महाकाल ने कुछ इस तरह दिए दर्शन
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शयन आरती तक बाबा महाकाल इसी स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे वैसे याद रहे की आज छोटी दीपावली होने के कारण मंदिर में भी हजारों श्रद्धालु बाबा महाकाल का आशीर्वाद देने पहुंचे है।