उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष में मृतकों की संख्या दो हो गई है। फायरिंग में मारे गए लोकेश गोरकर के बाद तलवार के हमले में गंभीर रूप से घायल उनके भाई जय गोरकर ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में परिवार के दो अन्य सदस्य अब भी अस्पताल में भर्ती हैं।पढ़ें देर रात हुए इस गैंगवार की कहानी।
पुरानी रंजिश ने शनिवार रात उज्जैन को दहला दिया। नीलगंगा थाना क्षेत्र के जूना अखाड़ा चौराहे पर दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने ताबड़तोड़ फायरिंग और हमले में भाजपा नेता के भतीजे लोकेश गोरकर की जान चली गई।
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रविवार सुबह मृतक लोकेश गोरकर के भाई जय गोरकर की भी मौत हो गई है। तलवार के हमलों की वजह से जय गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसका इलाज चल रहा था। अभी इस खौफनाक वारदात में गंभीररूप से घायल परिवार के दो अन्य सदस्य उपचाररत हैं।
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ये हमलावर पासी गुट के बताए जा रहे हैं। रात करीब 11 बजे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले लाठी-डंडे, तलवार और पत्थर चले, फिर ताबड़तोड़ चार राउंड फायरिंग हुई। एक गोली लोकेश गोरकर के सीने में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हमले में लोकेश को बचाने आए उनके भाई जय गोरकर, तपन गोरकर और ताऊ दिलीप गोरकर सहित परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। लेकिन सुबह आई जय गोरकर की मौत के खबर ने इस पूरे मामले को और भी हाईप्रोफाइल बना दिया है।
होली का विवाद बना खून-खराबे की वजह
एडिशनल एसपी गुरुप्रसाद पाराशर के मुताबिक, गोरकर और पासी परिवार के बीच होली के दिन एक महिला को लेकर विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच रंजिश खत्म नहीं हुई। इसी पुरानी दुश्मनी के चलते शनिवार रात दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए।
घटना के बाद पूरे जूना अखाड़ा क्षेत्र में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और कई लोगों को हिरासत में लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। एएसपी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।