अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।
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उज्जैन रेलवे स्टेशन पर यार्ड का रिमाडलिंग कार्य पूरा हो गया है। इसके साथ ही आज बुधवार से स्टेशन के सभी आठों प्लेटफार्म से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। यह व्यवस्था आगामी सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर बेहद उपयोगी साबित होगी। रतलाम मंडल के पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि नॉन-इंटरलाकिंग कार्य के लिए 11 से 15 अक्तूबर तक ब्लॉक लिया गया था। इस दौरान 4 ट्रेनें निरस्त रहीं, जबकि 52 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। इसके अलावा 12 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया था, लेकिन रिमाडलिंग का काम समय से पहले ही पूरा कर लिया गया, जिसके चलते ब्लॉक समाप्त कर दिया गया है। आज से सभी निरस्त, शॉर्ट टर्मिनेट और परिवर्तित मार्ग की ट्रेनें अपने नियमित मार्ग से चलेंगी।
उज्जैन यार्ड री-मॉडलिंग कार्य से यह हुए बदलाव
- यार्ड री-मॉडलिंग काम के बाद - प्लेटफार्म नंबर 2 और 3 पूरी लंबाई के हो जाएंगे।
- प्लेटफार्म नंबर 7 (एमजी) पूरी - लंबाई के (बीजी) प्लेटफार्म के रूप में उपलब्ध होगा।
- दो अतिरिक्त रनिंग लाइनें (लाइन क्र. 10 और क्र.11) जोड़ी जाएंगी।
- प्लेटफार्म 8 का उपयोग दोनों दिशाओं से किया जा सकेगा, क्योंकि यह नागदा छोर से जुड़ा होगा, वर्तमान में केवल बीपीएल छोर से जुड़ा है।
- सिग्नल ओवरलैप के दो समूह बनाने के लिए एनएडी छोर पर दो डेड-एंड की स्थापना, एक समूह लाइन संख्या 3,4, 5 और 6 के लिए और दूसरा समूह सिग्नल ओवरलैप लाइन संख्या 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के लिए होगा। मौजूदा प्रणाली में लाइन संख्या 3 से 10 तक सिग्नल ओवरलैप का एकल समूह है।
- उज्जैन सी यार्ड के केबिन से अलग संचालन को यूजेएन मुख्य यार्ड और आरआरआई यूजेएन से केंद्रीकृत संचालन के साथ मिलाना।
- मौजूदा अप और डाउन लाइन यूजेएन-एसपीबीजी और यूजेएन-यूजेएनसी के बीच जुड़वां सिंगल लाइनों के रूप में काम करेगी।
- इंजन को उलटने और अन्य परिचालन उपयोग के लिए एक अतिरिक्त शंटिंग नेक उपलब्ध होगा।
- उच्च स्तरीय पास प्लेटफॉर्म के साथ 90 मीटर की नई सैलून साइडिंग।
- एआरएमई साइडिंग को मौजूदा स्थान से एनसी यार्ड में स्थानांतरित किया जाएगा। एआरटी साइडिंग के समानांतर दोहरी निकास सुविधा और इंटरलॉक सिग्नलिंग व्यवस्था के साथ।
- वर्तमान में एआरटी साइडिंग एनसी यार्ड में नॉन इंटरलॉक ऑपरेटिंग सिस्टम और एकल निकास के साथ स्थित है, रिमॉडलिंग के बाद एआरटी साइडिंग में दोहरी निकास सुविधा के साथ इंटरलॉक सिग्नल मूवमेंट होगा।
डीआरएम ने देखा दोहरीकरण कार्य
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के उज्जैन से विक्रम नगर के बीच शेष भाग का दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। ट्रेनों के संचालन से पहले इस नई दोहरीकृत रेल लाइन का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पश्चिम परिमंडल ई. श्रीनिवास द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया। डीआरएम अश्वनी कुमार सहित अन्य अधिकारी भी उनके साथ थे। उज्जैन से विक्रम नगर के मध्य लगभग डेढ़ किलोमीटर शेष भाग का दोहरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। इस कार्य की शुरूआत 2017-18 में हुई थी, जिसके बाद 2023 के अंत में तीन चरण में काम पूरा भी हुआ लेकिन उज्जैन स्टेशन से उज्जैन सी कैबिन के बीच दोहरीकरण नहीं किया गया। इस कार्य को अब पूरा किया गया है। ट्रेनों के संचालन से पहले नई दोहरीकृत रेल लाइन का सीआरएस श्रीनिवास ने निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया। यह निरीक्षण एवं गति परीक्षण उज्जैन से विक्रमनगर के मध्य किया गया। इस दौरान 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से परीक्षण किया गया।